फतेहगंज पश्चिमी (बरेली) के ग्राम खिरका में सनातन परंपराओं के अनुरूप साप्ताहिक संगीतमय श्रीराम कथा का रविवार सायंकाल विधि-विधान और वैदिक मंत्रोच्चार के साथ भव्य शुभारम्भ हुआ। कथा के प्रथम दिन वातावरण पूर्णतः भक्तिमय हो गया, जब दूर-दराज से आए श्रद्धालु श्रीराम नाम के संकीर्तन और भजनों में लीन नजर आए। पूरे क्षेत्र में आध्यात्मिक ऊर्जा और श्रद्धा का अद्भुत संगम देखने को मिला।
इस पावन अवसर पर नैमिषारण्य धाम से पधारे कथाव्यास आचार्य पंडित अवध किशोर शास्त्री 'सरस' जी ने अपनी ओजस्वी और रससिद्ध वाणी से श्रीराम कथा के माहात्म्य का अत्यंत प्रभावशाली वर्णन किया। उन्होंने कहा कि सनातन धर्म में श्रीराम केवल एक आदर्श पुरुष ही नहीं, बल्कि धर्म, मर्यादा और सत्य के प्रतीक हैं। कलियुग में जब अधर्म और अशांति का प्रभाव बढ़ रहा है, ऐसे समय में प्रभु श्रीराम का नाम स्मरण ही जीवन को शुद्ध, सरल और सार्थक बनाने का सर्वोत्तम साधन है।
कथाव्यास ने श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए बताया कि सच्चे मन, श्रद्धा और समर्पण भाव से “राम” नाम का जप करने मात्र से जीव के जन्म-जन्मान्तर के पाप नष्ट हो जाते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि श्रीराम कथा का श्रवण व्यक्ति के अंतःकरण को पवित्र करता है और उसे सत्य, सेवा तथा धर्म के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है। कथा के दौरान भजनों और संकीर्तन से माहौल पूरी तरह भक्तिरस में डूबा रहा।
कार्यक्रम में गांव और आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे। सभी ने श्रद्धा भाव से कथा श्रवण कर आध्यात्मिक लाभ प्राप्त किया। आयोजन को सफल बनाने में सूबेदार मेजर वीरेंद्र पाल सिंह, पुजारी नत्थूलाल गंगवार, पूर्व प्रधान कृष्णपाल गंगवार, पंडित सचिन शर्मा, दिनेश गंगवार, मुरारीलाल गंगवार सहित अनेक ग्रामवासियों का विशेष सहयोग रहा।
ग्राम खिरका में चल रही यह साप्ताहिक श्रीराम कथा आगामी दिनों में भी निरंतर जारी रहेगी, जिसमें श्रद्धालुओं से अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर धर्म लाभ अर्जित करने की अपील की गई है। इस प्रकार यह आयोजन क्षेत्र में सनातन संस्कृति के प्रचार-प्रसार और धार्मिक जागरूकता का महत्वपूर्ण माध्यम बन रहा है।