जागरण टुडे, कासगंज।
सदर तहसील क्षेत्र में जमीन कब्जा मुक्त कराने का मामला लगातार गंभीर होता जा रहा है। पीड़ित नेम सिंह पुत्र जमुनादास, निवासी नगला वाले सहावर गेट, पिछले करीब एक वर्ष से अपनी भूमि पर कब्जा दिलाने के लिए प्रशासनिक दफ्तरों के चक्कर काट रहा है, लेकिन अब तक उसे केवल आश्वासन ही मिला है।
पीड़ित के अनुसार, उसने अपनी जमीन को कब्जा मुक्त कराने के लिए कई बार एसडीएम कार्यालय में प्रार्थना पत्र दिए। लेखपाल और कानूनगो ने भी मौके पर जाकर जमीन को कब्जा मुक्त कराने और उसे उसका हक दिलाने का भरोसा दिया था। इतना ही नहीं, न्यायालय द्वारा भी पूर्व में उसके पक्ष में आदेश जारी किए जा चुके हैं, इसके बावजूद कार्रवाई आगे नहीं बढ़ पाई है।
नेम सिंह का कहना है कि उसने तहसील दिवस में भी कई बार अपनी समस्या अधिकारियों के सामने रखी, लेकिन हर बार केवल औपचारिकताएं पूरी कर उसे टाल दिया गया। हाल ही में जब वह प्रशासनिक सहयोग के बिना खुद ही जमीन पर कब्जा लेने पहुंचा, तो विरोधी पक्ष ने मौके पर विवाद खड़ा कर दिया। स्थिति बिगड़ती देख पुलिस को बुलाया गया, लेकिन पुलिस ने मजिस्ट्रेट के आदेश के अभाव में हस्तक्षेप करने से इनकार कर दिया।
पीड़ित का आरोप है कि प्रशासनिक उदासीनता के कारण उसे लगातार मानसिक और आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। एक साल से अधिक समय बीत जाने के बाद भी मामले में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है, जिससे उसका भरोसा व्यवस्था पर कमजोर पड़ता जा रहा है।
नेम सिंह ने जिला प्रशासन से मांग की है कि राजस्व विभाग की टीम के साथ पुलिस बल को मौके पर भेजकर उसकी जमीन को कब्जा मुक्त कराया जाए और उसे न्याय दिलाया जाए। अब देखना यह है कि प्रशासन इस मामले में कब तक कार्रवाई करता है और पीड़ित को राहत मिलती है या नहीं।