बदायूं जिले के वजीरगंज ब्लॉक क्षेत्र अंतर्गत ग्राम मनवा के ग्रामीणों ने क्षेत्र की जर्जर और कच्ची सड़कों की समस्या को लेकर जिलाधिकारी को प्रार्थना पत्र सौंपा है। इसके साथ ही उन्होंने मुख्यमंत्री जनसुनवाई पोर्टल पर भी शिकायत दर्ज कराते हुए शीघ्र समाधान की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि लंबे समय से सड़कें कच्ची होने के कारण उन्हें आवागमन में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
ग्रामीणों के अनुसार चन्दौसी मार्ग हाईवे से शुरू होकर अरविन्द वाष्णेय के भट्टे से होते हुए ग्राम मनवा, हतरा, दूंगों, दरामनगर, कुसुमरा और आगे रेवती रेलवे स्टेशन तक जाने वाला मुख्य मार्ग पूरी तरह कच्चा है। यह रास्ता क्षेत्र के कई गांवों को जोड़ता है, लेकिन पक्की सड़क न होने के कारण लोगों को विशेषकर बरसात के मौसम में कीचड़ और जलभराव से जूझना पड़ता है।
इसके अतिरिक्त ग्राम मनवा से सैदपुर जाने वाले खड़ंजा मार्ग को भी पक्की डामर सड़क में बदलने की मांग की गई है। ग्रामीणों का कहना है कि यह मार्ग दैनिक आवागमन के लिए बेहद महत्वपूर्ण है, लेकिन इसकी स्थिति काफी खराब है। वहीं, गांव के ही एक अन्य मार्ग—राजेन्द्र के खेत से होते हुए बदायूं-मुरादाबाद एमएफ हाईवे पर स्थित चन्दौसी-बदायूं रोड से नंदवारी सुन्दरलाल इंटर कॉलेज तक जाने वाला रास्ता भी कच्चा है, जिससे स्कूली बच्चों को सबसे अधिक परेशानी उठानी पड़ती है।
ग्रामीणों ने बताया कि बच्चे इसी रास्ते से स्कूल जाते हैं, लेकिन बारिश के दौरान सड़क पर कीचड़ हो जाने से वे फिसलकर गिर जाते हैं और कई बार चोटिल भी हो जाते हैं। इससे अभिभावकों में भी चिंता बनी रहती है।
ग्रामीणों ने यह भी बताया कि 12 दिसंबर 2022 को इस समस्या को लेकर पूर्व विधायक कुशाग्र सागर और विधायक आशुतोष मौर्य को भी प्रार्थना पत्र दिया गया था, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। इससे लोगों में नाराजगी बढ़ती जा रही है।
6 अप्रैल को ग्राम मनवा स्थित चामुंडा मंदिर परिसर में क्षेत्रवासियों की एक बैठक आयोजित की गई, जिसमें सर्वसम्मति से सड़कों के निर्माण की मांग को लेकर आवाज उठाई गई। बैठक में प्रेमपाल मीना, केके पाल, सेवाराम, श्रीदेव, राहुल शर्मा, रामवीर मौर्य, देवेश कुमार, गेंदनलाल, हेतराम, प्रेमशंकर, व्रजपाल, जयपाल, धर्मेन्द्र, हरीशंकर, सतेन्द्र कुमार, कोमिल सिंह, गंगाचरण शर्मा, रामचन्द्र, अनूप कुमार, कुंवरपाल, गिरीशपाल, श्रीकृष्ण सहित अनेक ग्रामीण मौजूद रहे।
ग्रामीणों ने प्रशासन से जल्द से जल्द सड़कों का निर्माण कराने की मांग करते हुए चेतावनी दी है कि यदि समस्या का समाधान नहीं हुआ तो वे आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।