बरेली शहर में 26 सितंबर को आई लव मोहम्मद मामले में मौलाना तौकीर रजा द्वारा भीड़ को इस्लामिया कॉलेज बुलाकर बवाल कराने व आईएमसी का फर्जी लेटर जारी करने के मामले में आरोपी थाना कोतवाली किशोर बाजार निवासी सुभान उर्फ चूरन की जमानत अर्जियां अपर सत्र न्यायाधीश अमृता शुक्ला ने खारिज कर दीं।
सरकारी वकील महेश यादव ने बताया कि उप निरीक्षक राजीव कुमार शर्मा ने थाना कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज करायी थी। रिपोर्ट के अनुसार 26 सितंबर 2025 को वह कुतुबखाना चौकी क्षेत्र में मौलाना तौकीर रजा द्वारा इस्लामिया कॉलेज पर भीड़ एकत्रित करने के आह्वान पर शांति व्यवस्था के मद्देनजर तैनात थे। इसी दौरान करीब 500 मुस्लिम व्यक्तियों की भीड़ कुमार टॉकिज पर इकट्ठा होने लगी।
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पुलिस के समझाने और रोकने का प्रयास किया तो कुछ लोग भीड़ को उकसाने लगे, उत्तेजक नारे लगाने लगे, जिससे अचानक भीड़ पुलिस बल पर हमलावर हो गयी। अवैध हथियारों से लैस लोगों ने पुलिस बल को जान से मारने की नियत से फायर कर हत्या का प्रयास किया।
वहीं, दूसरे मामले में 25 सितंबर की शाम को नदीम खान व डॉ नफीस खान द्वारा आपसी साजिश कर एक फर्जी पत्र तैयार किया गया था, जिसमें आरोपी की संलिप्तता पाते हुए पुलिस ने मुल्जिम बनाया था। कोर्ट ने सुभान की दोनों ही मामलों में जमानत अर्जियां निरस्त कर दी।