गीता के श्लोकों को सरल, सुमधुर और शुद्ध उच्चारण के साथ जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से गीता शोध संस्थान एवं रासलीला अकादमी, वृंदावन में आयोजित एक सप्ताह की “गीता गान” कार्यशाला का समापन भव्य कार्यक्रम के साथ हुआ। कार्यशाला में प्रतिभागियों को श्रीमद्भगवद्गीता के श्लोकों के शुद्ध उच्चारण, गायन शैली और संकीर्तन पद्धति का प्रशिक्षण दिया गया।
कार्यक्रम का आयोजन उ.प्र. ब्रज तीर्थ विकास परिषद और भक्ति वेदांत इंस्टीट्यूट के संयुक्त तत्वावधान में किया गया। समापन समारोह में मुख्य अतिथियों द्वारा लगभग तीन दर्जन प्रतिभागियों को प्रमाण-पत्र वितरित किए गए।
समापन अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में रोटरी क्लब के पूर्व अध्यक्ष नवीन चौधरी, सांस्कृतिक विशेषज्ञ अनूप शर्मा, समाजसेवी मधु तोमर, ब्रज संस्कृति विशेषज्ञ डॉ. उमेश चंद्र शर्मा, भक्ति वेदांत इंस्टीट्यूट, सिंगापुर के निदेशक अनुकंपना दास तथा इस्कॉन आंझई के पदाधिकारी तीर्थनाथ वासुदेव प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।
कार्यशाला के दौरान प्रतिभागियों को श्लोकों के अक्षर ज्ञान, शुद्ध उच्चारण, संभाषण शैली और ध्वनि के विभिन्न आयामों का गहन प्रशिक्षण दिया गया। प्रशिक्षक अनुकंपना दास ने एक सप्ताह तक प्रतिभागियों को व्यवस्थित ढंग से श्लोक गायन की विधा सिखाई। साथ ही गौर सुंदर दास ने भी प्रशिक्षण में सहयोग प्रदान किया।
राजा महेंद्र प्रताप बाल विद्या मंदिर के छात्र-छात्राओं ने प्रिंसिपल सुनील लवानिया तथा संस्थापक राम विनोद भट्ट और पारुल भट्ट के निर्देशन में कार्यशाला में सक्रिय भागीदारी की। समापन दिवस पर विद्यार्थियों ने श्लोक गायन की आकर्षक प्रस्तुति देकर उपस्थित जनों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
कार्यशाला का संयोजन संस्थान के समन्वयक चंद्र प्रताप सिंह सिकरवार ने किया। कार्यक्रम के सफल संचालन में लक्ष्मण, शिवानी, चांदनी, तमन्ना, दुर्गेश, मीणा शर्मा, ऋतिक, हरीश चौधरी, अभिनव बंसल और गोविंद रावत सहित अन्य शिक्षकों का महत्वपूर्ण योगदान रहा। वहीं योगेश कुमार द्विवेदी, मधु द्विवेदी, मानसी राजपूत, रितु सिंह और प्रिया सिंह ने सहयोग किया।
संस्थान के निदेशक प्रो. दिनेश खन्ना ने बताया कि यह कार्यशाला गीता के श्लोकों को सरल और प्रभावी ढंग से आमजन तक पहुंचाने का एक अभिनव प्रयास है। उन्होंने कहा कि इस प्रशिक्षण के माध्यम से वे लोग भी श्लोकों का शुद्ध उच्चारण कर सकेंगे, जिन्हें संस्कृत का पूर्व ज्ञान नहीं है। भविष्य में भी इस प्रकार के साप्ताहिक प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।