जागरण टुडे, गुड्डू यादव, कासगंज।
जिले के सोरों कोतवाली क्षेत्र के नगला खंजी गांव में बिना प्रशासनिक अनुमति के स्थापित की गई डॉ. भीमराव आंबेडकर की प्रतिमा को पुलिस ने हटाकर अपने कब्जे में ले लिया। इस कार्रवाई के बाद गांव में तनाव का माहौल बन गया है, वहीं जाटव समाज के लोगों में गहरा आक्रोश देखा जा रहा है।
जानकारी के अनुसार, नगला खंजी गांव में कुछ लोगों द्वारा नव निर्माणाधीन स्थल पर बाबा साहब की प्रतिमा स्थापित कर दी गई थी। बताया जा रहा है कि प्रतिमा स्थापना के लिए प्रशासन से कोई औपचारिक अनुमति नहीं ली गई थी। साथ ही, जिस भूमि पर प्रतिमा स्थापित की गई थी, वह बघेल समाज के लोगों की निजी भूमि बताई जा रही है। इसको लेकर विवाद की स्थिति उत्पन्न हो गई।
सूचना मिलने पर पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची और स्थिति का जायजा लिया। प्रशासन ने नियमों का हवाला देते हुए प्रतिमा को वहां से हटाने का निर्णय लिया। इसके बाद पुलिस ने स्थापित स्थल को ध्वस्त कर दिया और प्रतिमा को सुरक्षित रूप से थाने में रखवा दिया।
इस कार्रवाई से नाराज जाटव समाज के लोगों ने पुलिस प्रशासन पर मारपीट और अभद्र व्यवहार का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि पुलिस ने बिना बातचीत के एकतरफा कार्रवाई की, जिससे उनकी भावनाएं आहत हुई हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन से निष्पक्ष जांच और उचित कार्रवाई की मांग की है।
वहीं, पुलिस अधीक्षक ओमप्रकाश सिंह ने बताया कि गांव में बिना अनुमति के प्रतिमा स्थापित की गई थी, जो नियमों के विरुद्ध है। उन्होंने स्पष्ट किया कि भूमि विवाद की स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से यह कदम उठाया है। प्रतिमा को थाने में सुरक्षित रखा गया है और मौके पर शांति व्यवस्था कायम है।
फिलहाल गांव में पुलिस बल तैनात कर दिया गया है और स्थिति पर नजर रखी जा रही है। प्रशासन ने लोगों से शांति बनाए रखने और कानून का पालन करने की अपील की है