जनपद पीलीभीत में सोशल मीडिया पर एक आपत्तिजनक वीडियो को लेकर रविवार को माहौल तनावपूर्ण हो गया। जातिसूचक टिप्पणी से नाराज वाल्मीकि समाज के लोगों ने सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन किया, जाम लगाया और थाने का घेराव किया। स्थिति को संभालने के लिए पुलिस को काफी मशक्कत करनी पड़ी। बाद में आरोपी यू-ट्यूबर को गिरफ्तार कर लिया गया।
मामला थाना सुनगढ़ी क्षेत्र का है। आरोप है कि नौगवां पकड़िया निवासी सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर वसीम रजा उर्फ ‘मिस्टर पीलीभीत’ ने पीलीभीत टाइगर रिजर्व की यात्रा के दौरान एक वीडियो बनाया और उसे सोशल मीडिया पर पोस्ट कर दिया। इस वीडियो में कथित तौर पर वाल्मीकि समाज को लेकर आपत्तिजनक शब्दों का इस्तेमाल किया गया।
वीडियो वायरल होने के बाद मोहल्ला नखासा समेत कई इलाकों से लोग एकत्र हो गए और विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। प्रदर्शनकारियों ने जुलूस निकालते हुए गैस चौराहे पर जाम लगा दिया और आरोपी की गिरफ्तारी की मांग पर अड़े रहे। इस दौरान कुछ समय के लिए यातायात भी बाधित रहा।
सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और लोगों को समझाने का प्रयास किया। इस दौरान भीड़ और एक दरोगा के बीच कहासुनी हो गई, जिससे माहौल और तनावपूर्ण हो गया। हालांकि मौके पर मौजूद इंस्पेक्टर नरेश त्यागी और अन्य अधिकारियों ने स्थिति को नियंत्रित कर लिया।
बाद में एएसपी विक्रम दहिया और सीओ सिटी दीपक चतुर्वेदी समेत अन्य अधिकारी मौके पर पहुंचे और लोगों को कार्रवाई का भरोसा दिलाया। मोहल्ला बेनी चौधरी निवासी हिमांशु नंदन की तहरीर पर थाना सुनगढ़ी में आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया।
पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। इसके बावजूद शाम को एक बार फिर लोग नखासा में जुटे और आरोपी को सामने लाने की मांग करने लगे। पुलिस ने जुलूस को बीच रास्ते में रोककर हालात काबू में किए।
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए इलाके में अतिरिक्त पुलिस बल और पीएसी तैनात कर दी गई है। पुलिस सोशल मीडिया पर भी नजर बनाए हुए है, ताकि अफवाहों को रोका जा सके।
उधर, विरोध बढ़ने के बाद आरोपी ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी कर माफी मांगी है, लेकिन इससे लोगों का आक्रोश पूरी तरह शांत नहीं हुआ। पुलिस अधिकारियों ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है और कहा है कि कानून के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी।