बरेली छावनी क्षेत्र में बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करने और धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से एक बड़ी विकास योजना को मंजूरी मिली है। कैंटोन्मेंट बोर्ड की हालिया बैठक में करीब 110 करोड़ रुपये की परियोजनाओं को स्वीकृति दी गई, जिसमें सीवरेज व्यवस्था सुधारने से लेकर सांस्कृतिक गतिविधियों को बढ़ावा देने तक के प्रावधान शामिल हैं।
योजना के तहत लगभग 100 करोड़ रुपये की लागत से अत्याधुनिक सीवर ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) का निर्माण किया जाएगा। लंबे समय से छावनी क्षेत्र में जल निकासी और सीवरेज की समस्या बनी हुई है, जिससे खासतौर पर बारिश के मौसम में हालात गंभीर हो जाते हैं। प्रस्तावित एसटीपी के निर्माण से गंदे पानी का वैज्ञानिक तरीके से शोधन किया जाएगा और उसे दोबारा उपयोग में लाया जा सकेगा। इससे न केवल जलभराव की समस्या से राहत मिलेगी, बल्कि पर्यावरण संरक्षण को भी मजबूती मिलेगी।
इसके साथ ही लगभग 10 करोड़ रुपये की लागत से धोपेश्वर नाथ महादेव मंदिर परिसर में एक आधुनिक ओपन थिएटर का निर्माण किया जाएगा। यह थिएटर सांस्कृतिक और धार्मिक आयोजनों के लिए एक स्थायी मंच के रूप में विकसित किया जाएगा, जहां स्थानीय कलाकारों, संस्कृति कर्मियों और धार्मिक समूहों को अपनी प्रतिभा प्रस्तुत करने का अवसर मिलेगा। इससे मंदिर परिसर की पहचान और भी सुदृढ़ होगी तथा धार्मिक पर्यटन को नई दिशा मिलेगी।
बैठक में छावनी क्षेत्र के कुछ प्रमुख स्थानों के नाम परिवर्तन का भी निर्णय लिया गया। रॉयल आर्टिलरी क्षेत्र का नाम बदलकर ‘विरासत परिसर’, बीआई बाजार का नाम ‘शौर्य बाजार’ और श्मशान स्थल का नाम ‘पंचतत्व मोक्ष धाम’ रखा गया है। इन बदलावों को क्षेत्र की सांस्कृतिक पहचान से जोड़कर देखा जा रहा है।
स्थानीय लोगों का मानना है कि यह योजना छावनी क्षेत्र के विकास में मील का पत्थर साबित हो सकती है, बशर्ते इसे समयबद्ध और पारदर्शी तरीके से लागू किया जाए। पूर्व में कई योजनाएं घोषणाओं तक ही सीमित रह गई थीं, ऐसे में अब लोगों की नजरें इसके क्रियान्वयन पर टिकी हैं।
इस संबंध में मुख्य अधिशासी अधिकारी डॉ. तनु जैन ने बताया कि योजना का उद्देश्य क्षेत्र में बेहतर बुनियादी ढांचा विकसित करना और पर्यटन को बढ़ावा देना है। निर्धारित समय सीमा में परियोजनाओं को पूरा करने के प्रयास किए जाएंगे।