राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु और उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने गुरुवार को वृंदावन स्थित प्रमुख मंदिरों में दर्शन किए। इस दौरान मंदिरों में सुरक्षा के कड़े इंतजाम रहे। राष्ट्रपति और राज्यपाल ने प्रेम मंदिर और इस्कॉन मंदिर वृंदावन में पूजा-अर्चना की।
सबसे पहले राष्ट्रपति और राज्यपाल प्रेम मंदिर पहुंचीं, जहां भोग घर प्रवेश द्वार से उनका आगमन हुआ। मंदिर परिसर में अजय बाबा, दीपक भरेजा, सी. गुरुराज राव और डॉ. सुपर्णा राव ने उनका भव्य स्वागत किया। इसके बाद उन्होंने मंदिर में आयोजित लेजर शो का अवलोकन किया, जिसने आध्यात्मिक वातावरण को और भी आकर्षक बना दिया।
राष्ट्रपति ने प्रेम मंदिर के गर्भगृह में भगवान श्री राधा-कृष्ण के युगल विग्रह के दर्शन किए और विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर आरती की। इस दौरान सभा मंडप में 51 आश्रमवासियों की संकीर्तन मंडली ने भजन-कीर्तन प्रस्तुत कर माहौल को भक्तिमय बना दिया। दर्शन के उपरांत दोनों अतिथियों को स्मृति चिन्ह स्वरूप राधा-कृष्ण की प्रतिमा भेंट की गई। उन्होंने प्रसाद ग्रहण किया और गर्भगृह के बाहर परिक्रमा भी की।
इसके पश्चात दोनों ने मंदिर के प्रथम तल पर स्थित महाराज जी और श्री सीता-राम युगल विग्रह के दर्शन कर पूजा-अर्चना की तथा परिक्रमा लगाई। यहां भी उन्हें धार्मिक साहित्य भेंट किया गया। इसके बाद राष्ट्रपति और राज्यपाल कृष्ण बलराम मंदिर (इस्कॉन मंदिर) पहुंचीं। यहां मंदिर प्रबंधन से जुड़े श्री पंचगौड़ा दास, जनार्दन दास, विष्णुनाम दास, शुतकीर्ति दास, रवि लोचन दास और देवदत्त स्वामी ने उनका स्वागत किया। दोनों ने ए. सी. भक्तिवेदांत स्वामी प्रभुपाद की समाधि स्थल के दर्शन कर परिक्रमा की।
मुख्य मंदिर में वैदिक मंत्रोच्चारण के बीच राष्ट्रपति ने पूजा सामग्री अर्पित की और भगवान श्री कृष्ण-बलराम के दर्शन किए। पूरे मंदिर परिसर में गूंजते मंत्रों और भक्ति संगीत ने वातावरण को आध्यात्मिक ऊर्जा से भर दिया। इस दौरान उन्होंने मंदिर में चल रहे कीर्तन और बालिकाओं द्वारा प्रस्तुत सांस्कृतिक नृत्य कार्यक्रम का भी अवलोकन किया।
राष्ट्रपति के इस दौरे को लेकर श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह देखने को मिला। मंदिर परिसर में भक्ति, श्रद्धा और अनुशासन का अनूठा संगम नजर आया।