जागरण टुडे,कासगंज।
कासगंज रेलवे जंक्शन पर लावारिस हालत में मिली एक नवजात बालिका को अब नया सहारा मिल गया है। चिकित्सकों की देखरेख में उपचार के बाद स्वस्थ होने पर बालिका को बाल कल्याण समिति के आदेश पर आगरा स्थित राजकीय बाल गृह (शिशु) में सुरक्षित भेज दिया गया है।
जानकारी के अनुसार 5 मार्च 2026 को कासगंज रेलवे जंक्शन पर लखनऊ–कासगंज पैसेंजर ट्रेन के लगेज कोच में करीब तीन से चार दिन की नवजात बालिका रोती हुई अवस्था में मिली थी। ट्रेन की सफाई के दौरान रेलवे कर्मचारियों की नजर बालिका पर पड़ी। नवजात को देखकर कर्मचारियों ने तुरंत उसे सुरक्षित बाहर निकाला और मामले की सूचना चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 को दी।
सूचना मिलते ही चाइल्ड हेल्पलाइन की टीम मौके पर पहुंची और बालिका को अपने संरक्षण में ले लिया। इसके बाद नवजात को तत्काल जिला अस्पताल कासगंज के स्पेशल न्यूबोर्न केयर यूनिट (एसएनसीयू) में भर्ती कराया गया, जहां विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम ने उसकी देखभाल और उपचार शुरू किया।
करीब पांच दिनों तक चले इलाज और लगातार चिकित्सकीय निगरानी के बाद डॉक्टरों ने बालिका को पूरी तरह स्वस्थ घोषित कर दिया। इसके बाद बाल कल्याण समिति के निर्देशानुसार 10 मार्च 2026 को चाइल्ड हेल्पलाइन टीम ने नवजात को आगरा स्थित डीआईओएस कंपाउंड, सरकारी रेजिडेंस, पंचकुइयां रोड में संचालित राजकीय बाल गृह (शिशु) में सुरक्षित रूप से स्थानांतरित कर दिया। यहां बालिका की देखभाल और पालन-पोषण की जिम्मेदारी संस्थान द्वारा निभाई जाएगी।
इस पूरी प्रक्रिया के दौरान चाइल्ड हेल्पलाइन प्रोजेक्ट को-ऑर्डिनेटर सौरभ यादव, जिला अस्पताल के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. संजीव सक्सेना, वन स्टॉप सेंटर की प्रियंका यादव, एसएनसीयू नोडल अधिकारी डॉ. कैलाश बाबू, एसएनसीयू प्रभारी पुष्पेंद्र यादव सहित वार्ड के सभी नर्सिंग ऑफिसर्स और स्टाफ मौजूद रहे।
इसके अलावा चाइल्ड हेल्पलाइन सुपरवाइजर रूबी यादव, केस वर्कर मयंक कुलश्रेष्ठ और रेनू ने भी बालिका की देखभाल और स्थानांतरण की प्रक्रिया में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। अधिकारियों ने बताया कि फिलहाल बालिका सुरक्षित है और बाल गृह में उसकी उचित देखभाल की जाएगी।