Thursday, April 2, 2026

KASGANJ:नाम के उच्चारण में भले अटक जाएँ लोग, लेकिन भाईचारे की मिसाल है गंजडुंडवारा की होली मस्जिदों के पास होता है होलिका दहन, वर्षों से कायम है सौहार्द की परंपरा

लेखक: udit kumar | Category: उत्तर प्रदेश | Published: February 28, 2026

KASGANJ:नाम के उच्चारण में भले अटक जाएँ लोग, लेकिन भाईचारे की मिसाल है गंजडुंडवारा की होली मस्जिदों के पास होता है होलिका दहन, वर्षों से कायम है सौहार्द की परंपरा

जागरण टुडे, कासगंज(उदित विजयवर्गीय)

गंजडुंडवारा। जनपद कासगंज का छोटा सा कस्बा गंजडुंडवारा अपने नाम के उच्चारण को लेकर अक्सर चर्चा में रहता है। क्यो कि कई लोग इसका सही उच्चारण करते समय अटक जाते हैं, लेकिन जब बात यहाँ की होली और आपसी भाईचारे की होती है तो यही कस्बा पूरे क्षेत्र में मिसाल बन जाता है।

पावरलूम और थ्रेसर उद्योग के लिए पहचान रखने वाला यह कस्बा होली के अवसर पर गंगा-जमुनी संस्कृति की अनूठी झलक पेश करता है। यहाँ मुस्लिम बहुल मोहल्लों और मस्जिदों के निकट वर्षों से होलिका दहन की परंपरा निभाई जा रही है, जो हिंदू-मुस्लिम एकता की सशक्त मिसाल है।

कस्बे के बान मंडी तिराहा और सब्जी मंडी के पास टीन बाजार क्षेत्र में हिंदू परिवारों की संख्या अब काफी कम रह गई है। कई परिवार व्यापार या अन्य कारणों से बाहर बस गए, लेकिन यहाँ होलिका दहन की परंपरा आज भी पूरी आस्था के साथ जारी है।

इन दोनों स्थानों पर मस्जिद से चंद कदमों की दूरी पर होलिका दहन होता है। खास बात यह है कि मुस्लिम समुदाय इस आयोजन में पूरा सहयोग देता है। टीन बाजार मस्जिद के पास निर्धारित स्थल पर बनी अस्थायी दुकानों को मुस्लिम दुकानदार होलिका दहन से पहले स्वेच्छा से खाली कर देते हैं। इसके बाद पालिका प्रशासन साफ-सफाई और अन्य आवश्यक व्यवस्थाएँ सुनिश्चित करता है।

होलिका दहन के दिन हिंदू परिवार बच्चे-बुजुर्गों के साथ पहुँचकर विधि-विधान से पूजन करते हैं और परिक्रमा कर पर्व का शुभारंभ करते हैं। वहीं मुस्लिम समाज के बच्चे भी जलती होली में आलू भूनकर आनंद लेते नजर आते हैं। वर्षों से चली आ रही इस परंपरा में कभी कोई विवाद सामने नहीं आया, जो कस्बे के आपसी सौहार्द और भाईचारे को दर्शाता है।

निर्धारित 21 स्थलों पर होगा होलिका दहन

मान्यता है कि होलिका दहन से वातावरण की नकारात्मक ऊर्जा समाप्त होती है और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। वैसे आगामी होली पर्व को लेकर तैयारियाँ जोरों पर हैं। पालिका प्रशासन सफाई, प्रकाश और पेयजल व्यवस्था को अंतिम रूप देने में जुटा है।

अधिशासी अधिकारी सुनील कुमार ने बताया कि कस्बे में निर्धारित 21 स्थलों पर होलिका दहन किया जाएगा। सभी स्थानों पर आवश्यक व्यवस्थाएँ सुनिश्चित की जा रही हैं, ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो।

अतः नाम के उच्चारण में भले लोग उलझ जाएँ, लेकिन गंजडुंडवारा की होली हर साल भाईचारे और सौहार्द की ऐसी कहानी लिखती है, जो दिलों को जोड़ने का काम करती है।

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