बरेली जनपद के मीरगंज क्षेत्र में हाईवे-24 के बंद रेलवे क्रासिंग के सड़क मार्ग पर लकड़ी की कुट्टी फैलाकर रास्ता अवरुद्ध किए जाने का मामला सामने आया है। इस समस्या से परेशान गांव कुल्छा खुर्द सहित आसपास के कई गांवों के ग्रामीणों ने हाल ही में आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस में जिलाधिकारी से शिकायत कर समाधान की मांग की। जिलाधिकारी ने मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित विभागीय अधिकारियों को जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि वर्ष 2014 से पूर्व में मीरगंज कस्बे से होकर गुजरने वाले हाईवे-24 पर रेलवे क्रासिंग संख्या 380-ए संचालित थी। उस समय छोटे-बड़े वाहन और राहगीर बरेली -दिल्ली के लिए इसी रास्ते से आवाजाही करते थे। बाद में भारत सरकार द्वारा फोरलेन सड़क निर्माण के दौरान इस रेलवे क्रासिंग को बंद कर फ्लाईओवर का निर्माण करा दिया गया। इसके बाद से यह मार्ग गांव कुल्छा खुर्द, नौसना समेत कई गांवों के लोगों के लिए मीरगंज आने-जाने का शॉर्टकट बन गया। रोजाना बड़ी संख्या में ग्रामीण पैदल, साइकिल और दोपहिया वाहनों से इसी रास्ते का उपयोग करते हैं।
शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि हाल के दिनों में कुछ लकड़ी व्यवसायियों ने इसी मार्ग पर लकड़ी काटकर उसकी कुट्टी फैला दी है। इतना ही नहीं, कुट्टी पर पानी भी डाल दिया जाता है, जिससे रास्ता फिसलन भरा और पूरी तरह अवरुद्ध हो जाता है। इस कारण पैदल और दोपहिया वाहन चालकों को इस रास्ते से गुजरना बेहद मुश्किल हो गया है। मजबूरी में लोगों को फ्लाईओवर से होकर गुजरना पड़ रहा है, जहां तेज रफ्तार वाहनों के बीच दुर्घटना का खतरा बना रहता है।
गांव कुल्छा खुर्द के होते लाल मौर्य, तारावती, विवेक शर्मा, रामदास, नन्हें लाल और मनोज कुमार सहित कई ग्रामीणों ने जिलाधिकारी को दिए प्रार्थना पत्र में बताया कि यह मार्ग लंबे समय से ग्रामीणों के आवागमन का महत्वपूर्ण रास्ता है। लेकिन लकड़ी की कुट्टी फैलाए जाने के कारण लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है और किसी भी समय बड़ा हादसा हो सकता है।
ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि हाईवे-24 के बंद रेलवे क्रासिंग 380-ए से होकर जाने वाले इस मार्ग को लकड़ी व्यवसायियों से खाली कराया जाए और रास्ते को तत्काल खुलवाया जाए, ताकि ग्रामीणों को सुरक्षित आवागमन की सुविधा मिल सके।