महात्मा गांधी के नाम को मनरेगा से हटाने और हालिया बदलावों के विरोध में शुक्रवार को बदायूं में कांग्रेस सड़कों पर उतर आई। भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के बैनर तले “मनरेगा बचाओ संग्राम” पदयात्रा ब्लॉक कादरचौक के ग्राम ककोड़ा से शुरू होकर 15 किलोमीटर का सफर तय करते हुए उझानी के अंबेडकर पार्क पर समाप्त हुई।
पदयात्रा का नेतृत्व पूर्व जिलाध्यक्ष व प्रदेश कॉर्डिनेटर ओमकार सिंह, शहर अध्यक्ष मुन्ना लाल सागर और जिला उपाध्यक्ष सुनीता सिंह ने संयुक्त रूप से किया। मुख्य अतिथि के रूप में निवर्तमान प्रदेश उपाध्यक्ष प्रेमप्रकाश अग्रवाल मौजूद रहे। यात्रा ग्राम ककोड़ा से निकलकर निधानपुर, गफ्फार नगला, रेवा, खिरिया बाकरपुर, पतौरा, बुर्रा फरीदपुर, फतेहपुर और नरऊं होते हुए उझानी नगर पहुंची, जहां राष्ट्रगान के साथ समापन हुआ।
कार्यकर्ताओं के हाथों में कांग्रेस के झंडे और महात्मा गांधी के चित्र थे। नेताओं ने स्पष्ट कहा कि मनरेगा ग्रामीण गरीबों और मजदूरों की जीवनरेखा है। ओमकार सिंह ने आरोप लगाया कि योजना से महात्मा गांधी का नाम हटाना उनके विचारों और श्रमिक हितों का अपमान है। उन्होंने मांग की कि योजना में काम की गारंटी, समय पर मजदूरी का भुगतान और जवाबदेही हर हाल में सुनिश्चित की जाए। साथ ही हाल में किए गए सभी संशोधनों को तत्काल प्रभाव से वापस लिया जाए।
मुन्ना लाल सागर और सुनीता सिंह ने कहा कि कांग्रेस हमेशा से श्रमिकों और वंचितों की आवाज उठाती रही है और मनरेगा के मूल स्वरूप से किसी भी प्रकार की छेड़छाड़ स्वीकार नहीं की जाएगी। चौपाल सभाओं का संचालन जिला उपाध्यक्ष वीरेश तोमर ने किया। इस दौरान कई पदाधिकारी, छात्र नेता और सैकड़ों कार्यकर्ता मौजूद रहे।
कांग्रेस ने चेतावनी दी कि यदि मांगें नहीं मानी गईं तो आंदोलन और तेज किया जाएगा।