राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष के अवसर पर संपूर्ण देश में आयोजित हो रहे हिंदू सम्मेलनों की श्रृंखला में मथुरा महानगर की अनेक बस्तियों में हिंदू सम्मेलन हो रहे हैं। नर्सीपुरम, बालाजीपुरम, औरंगाबाद, बजरंग चौराहा, माधवपुरी, मयूर विहार, विश्व लक्ष्मी नगर, चामुंडा देवी मंदिर क्षेत्र, राधापुरम वृंदावन रोड, कृष्णा ग्रीन अभिमन्यु बस्ती, डीएवी इंटर कॉलेज, सदर बाजार, छत्ता बाजार, राधेश्याम कॉलोनी, आनंदवन बस्ती, जनकपुरी, वल्लभ बस्ती, चंद्रपुरी, राधा नगर, यमुना पार, राधा वैली कॉलोनी, दशभुजी गणेश बस्ती, गणेशरा सहित अनेक क्षेत्रों में हिंदू सम्मेलन का आयोजन किया गया।
सम्मेलनों में वक्ताओं ने कहा कि आज देश विरोधी शक्तियों के षड्यंत्रों के कारण हिंदू समाज पुनः चुनौतीपूर्ण दौर से गुजर रहा है। इतिहास साक्षी है कि जब-जब हिंदू समाज संगठित हुआ है, तब-तब भारत ने प्रगति की है, और जब-जब हिंदू बंटा है, तब-तब देश कमजोर हुआ है। संगठित हिंदू समाज ही सशक्त और समर्थ भारत की आधारशिला है।
संत शक्ति के रूप में उपस्थित धर्माचार्यों ने कहा कि सनातन धर्म को समाप्त करने के लिए अनेक प्रकार के षड्यंत्र किए जा रहे हैं, किंतु सनातन धर्म अनादि और अनंत है। आवश्यकता केवल इस बात की है कि सनातनी अपनी शक्ति को पहचानें और संगठित होकर खड़े हों। संगठित सनातन समाज के सामने कोई भी विधर्मी षड्यंत्र सफल नहीं हो सकता।
संघ के महानगर कार्यवाह विजय बंटा सर्राफ ने बताया कि बस्ती-स्तर पर आयोजित ये हिंदू सम्मेलन समाज जागरण और भारत की सशक्तता के उद्देश्य से किए जा रहे हैं। मथुरा महानगर की सभी बस्तियों में यह कार्यक्रम 22 फरवरी तक निरंतर चलते रहेंगे।
इन सम्मेलनों में ठाकुर संजीव कृष्ण महाराज, सत्यमित्रानंद महाराज, छमानंद महाराज, अनिरुद्ध आचार्य महाराज, कृष्णानंद जी महाराज, सत्यम महाराज, रसिया बाबा महाराज, आदित्य आनंद महाराज, अनमोल महाराज, साध्वी हेमलता शास्त्री, साध्वी ध्यानमूर्ति एवं साध्वी बहन निधि देवी सहित अनेक संत-साध्वियों ने सनातन एकता का संदेश दिया। मातृशक्ति के रूप में श्रीमती मालती मिश्रा, श्रीमती ललिता गुप्ता, श्रीमती कीर्ति शर्मा, श्रीमती विद्योतमा, डॉ. भारती एवं डॉ. नीता सिंह ने नारी शक्ति के जागरण पर बल दिया।