जागरण टुडे, गुड्डू यादव, कासगंज।
शहर के अत्यधिक व्यस्त नदरई गेट मिशन चौराहे पर अवैध मेडिकल दलाली का जाल सक्रिय होने की गंभीर शिकायतें सामने आ रही हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि क्षेत्र में कुछ महिलाएं स्वयं को सामाजिक कार्यकर्ता या स्वास्थ्य सहयोगी बताकर गर्भवती महिलाओं को अल्ट्रासाउंड और डीएनसी जैसी जांच एवं प्रक्रियाओं के लिए विशेष सेंटरों पर कमीशन के आधार पर भेजती हैं।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार चौराहे के इर्द–गिर्द दिनभर मौजूद रहने वाली ये महिलाएं जाँच के लिए आई महिलाओं से बातचीत कर उन्हें बहला-फुसलाकर अपने परिचित जांच केंद्रों पर ले जाती हैं। क्षेत्रवासियों का दावा है कि कई बार महिलाओं को वास्तविक स्थिति बताए बिना महंगी जांचें कराई जाती हैं, जिससे मरीजों का आर्थिक शोषण होता है।
स्थानीय निवासियों के मुताबिक तीन महिलाओं पर लगातार इस तरह की दलाली में शामिल होने के आरोप लगते रहे हैं। शिकायतों के आधार पर बताया जाता है कि पहले ये महिलाएं आशा कार्यकर्ता के रूप में नियुक्त थीं, लेकिन अनियमितताओं के आरोपों के चलते उनका आशा बहू पद समाप्त कर दिया गया था। हालांकि, इनके विरुद्ध आधिकारिक विभागीय पुष्टि नहीं मिली है।
जागरण टीम की पडताल
जागरण टुडे की टीम ने मिशन चौराहे पर पड़ताल के दौरान कुछ महिलाओं से बात करने का प्रयास किया, लेकिन कैमरा देखते ही उन्होंने बातचीत से बचने का प्रयास किया और चेहरा ढककर वहां से हट गईं। लोगों का कहना है कि यह व्यवहार भी कई सवाल खड़े करता है।
मिशन चौराहा मरीजों की अत्यधिक आवाजाही वाला इलाका है, जिसके चलते दलालों को महिलाओं को प्रभावित करना आसान हो जाता है। शिकायतें यह भी बताती हैं कि कुछ मामलों में महिलाओं को प्रेगनेंसी की गलत रिपोर्ट दिखाकर डीएनसी कराने तक के लिए प्रेरित किया गया, जिससे उनके स्वास्थ्य पर खतरा बढ़ सकता है।
स्थानीय नागरिकों ने जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग से मांग की है कि क्षेत्र में सक्रिय इस कथित दलाली पर तत्काल सख्त कार्रवाई की जाए। साथ ही उन अल्ट्रासाउंड और डीएनसी सेंटरों की भी जांच हो, जहां कथित रूप से मरीजों को रेफर कर कमीशन लिया जाता है। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो यह अवैध गतिविधियां महिलाओं के स्वास्थ्य और अधिकारों दोनों को नुकसान पहुंचा सकती हैं।