नई दिल्ली, एजेंसी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि जीएसटी व्यवस्था में किए गए व्यापक सुधार (जीएसटी 2.0) राष्ट्र को समर्थन और वृद्धि की “दोहरी खुराक” देंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि आत्मनिर्भर भारत की दिशा में अगली पीढ़ी के सुधारों की शृंखला अब नहीं थमेगी।
प्रधानमंत्री ने गुरुवार को राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार विजेताओं के साथ संवाद के दौरान कहा कि 15 अगस्त को लाल किले से उन्होंने वादा किया था कि दिवाली और छठ पूजा से पहले देशवासियों को “डबल धमाका” मिलेगा। जीएसटी सुधार उसी का हिस्सा हैं। नई कर दरें 22 सितंबर (नवरात्रि के पहले दिन) से लागू होंगी।
जीएसटी स्लैब में बड़ा बदलाव
प्रधानमंत्री मोदी की यह टिप्पणी जीएसटी परिषद की बैठक के फैसले के बाद आई है। परिषद ने चार स्लैब घटाकर दो स्लैब करने का निर्णय लिया है।
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अब केवल 5% और 18% की दरें लागू होंगी।
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विलासिता और अहितकर उत्पादों को 40% के विशेष कर दायरे में रखा गया है।
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दैनिक उपभोग की अधिकांश वस्तुएं 5% स्लैब में होंगी।
मोदी ने कहा कि पहले की सरकारों ने आम परिवारों, किसानों और दवाओं तक पर भारी कर लगाया था। अगर वही व्यवस्था जारी रहती तो हर 100 रुपये की खरीद पर 20-25 रुपये टैक्स देना पड़ता। उन्होंने कहा कि जीएसटी 2.0 से आम लोगों की जेब में अधिक पैसा बचेगा और जीवन आसान होगा।
प्रधानमंत्री ने नए सुधारों को अर्थव्यवस्था के पंच रत्न बताया
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सरल कर प्रणाली
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नागरिकों के जीवन की गुणवत्ता में सुधार
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खपत और वृद्धि को प्रोत्साहन
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निवेश व रोजगार सृजन को बढ़ावा
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सहकारी संघवाद को मजबूत करना
उन्होंने कहा कि वैश्विक स्तर पर भारत को सही स्थान दिलाने के लिए समय-समय पर सुधार अनिवार्य हैं।
ऑनलाइन गेमिंग पर संदेश
छात्रों से संवाद में पीएम मोदी ने कहा कि ऑनलाइन गेमिंग खराब नहीं है, लेकिन जुआ गलत है। नए कानून से युवाओं का भविष्य सुरक्षित होगा और भारत इस क्षेत्र में वैश्विक नेतृत्व कर सकता है।
सीएम योगी आदित्यनाथ बोले
गोरखपुर में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि जीएसटी सुधारों से भारत की कर व्यवस्था एक नए युग में प्रवेश कर रही है। पीएम मोदी और वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को धन्यवाद देते हुए उन्होंने कहा कि यह कदम भारत की स्वदेशी और आत्मनिर्भरता की यात्रा को गति देगा।