दो से चार नवंबर तक पंचायत भवनों में बैठेंगे लेखपाल, धान खरीद की शिकायतों का 48 घंटे में होगा निस्तारण
धान खरीद में किसानों के साथ किसी भी तरह की मनमानी और बिचौलियों की सक्रियता रोकने के लिए प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। क्रय केंद्रों पर निजी व्यक्तियों, दलालों और बिचौलियों के हस्तक्षेप को पूरी तरह प्रतिबंधित करते हुए चेतावनी दी गई है कि यदि किसी केंद्र पर ऐसा कोई व्यक्ति सक्रिय मिला तो उसे सीधे जेल भेजने की कार्रवाई की जाएगी। साथ ही संबंधित क्रय केंद्र प्रभारी की जिम्मेदारी भी तय होगी और उसके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।
धान खरीद व्यवस्था की समीक्षा के दौरान अधिकारियों ने सभी क्रय केंद्र प्रभारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि खरीद प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी रखी जाए। किसानों को अपनी उपज बेचने के लिए किसी बिचौलिये का सहारा न लेना पड़े। क्रय केंद्रों पर केवल निर्धारित प्रक्रिया के तहत ही धान की खरीद की जाए। प्रशासन ने साफ किया कि किसानों के हितों से खिलवाड़ करने वालों को किसी भी स्थिति में बख्शा नहीं जाएगा।
दो से चार नवंबर तक पंचायत भवनों में बैठेंगे लेखपाल
किसानों को फार्मर रजिस्ट्री में संशोधन कराने और धान बिक्री के लिए पंजीकरण कराने में आ रही दिक्कतों को दूर करने के लिए विशेष व्यवस्था की गई है। दो से चार नवंबर तक प्रतिदिन सुबह 10 बजे से शाम चार बजे तक प्रत्येक लेखपाल अपने क्षेत्र के सबसे बड़े गांव के पंचायत भवन में मौजूद रहेंगे। इस दौरान किसान उनसे संपर्क कर फार्मर रजिस्ट्री में संशोधन कराने के साथ ही धान बिक्री के लिए पंजीकरण संबंधी समस्याओं का समाधान करा सकेंगे।
प्रशासन का मानना है कि गांव स्तर पर लेखपालों की उपलब्धता से किसानों को छोटी-छोटी समस्याओं के लिए तहसील और जिला मुख्यालय के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। इससे धान खरीद की प्रक्रिया में भी तेजी आएगी।
मंडी में भी फार्मर रजिस्ट्री बनाने की सुविधा
किसानों की सुविधा के लिए प्रत्येक मंडी में कृषि विभाग के एक अधिकारी की तैनाती की गई है। ये अधिकारी मंडी पहुंचने वाले किसानों की फार्मर रजिस्ट्री तैयार कराने और पहले से बनी रजिस्ट्री में आवश्यक संशोधन कराने में मदद करेंगे। किसान मंडियों में ही इस सुविधा का लाभ उठा सकेंगे। इससे पंजीकरण और फार्मर रजिस्ट्री से जुड़ी अड़चनों को दूर करने में सहूलियत मिलेगी।
48 घंटे में निस्तारित होंगी किसानों की शिकायतें
धान खरीद के दौरान किसानों को होने वाली समस्याओं और शिकायतों के त्वरित समाधान के लिए जिलाधिकारी कार्यालय में जल्द ही हेल्पलाइन नंबर शुरू किया जाएगा। किसान इस हेल्पलाइन पर धान खरीद से संबंधित अपनी शिकायत दर्ज करा सकेंगे। प्रशासन ने शिकायतों का निस्तारण 48 घंटे के भीतर सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। इससे किसानों को अपनी समस्या के समाधान के लिए अधिकारियों के कार्यालयों के चक्कर लगाने से राहत मिलने की उम्मीद है।
सुबह नौ से 10 बजे तक फोन पर उपलब्ध रहेंगे केंद्र प्रभारी
किसानों और क्रय केंद्र प्रभारियों के बीच सीधा संपर्क स्थापित करने के लिए सभी केंद्र प्रभारियों को सुबह नौ से 10 बजे तक फोन पर उपलब्ध रहने के निर्देश दिए गए हैं। इस दौरान किसान अपने नजदीकी क्रय केंद्र प्रभारी से संपर्क कर धान बिक्री, खरीद की प्रक्रिया और अन्य समस्याओं के बारे में जानकारी प्राप्त कर सकेंगे।
प्रशासन ने सभी संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों को निर्देश दिए हैं कि धान खरीद व्यवस्था में किसानों को किसी भी तरह की परेशानी न होने दी जाए। खरीद प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखने, बिचौलियों पर अंकुश लगाने और शिकायतों का समय से निस्तारण करने में किसी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।