मतदाता सूची में गड़बड़ी रोकने के लिए प्रशासन सख्त, डीएम ने राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ की बैठक
मतदाता सूची में दोहरे नाम दर्ज कराने और प्रविष्टियों में गड़बड़ी करने के मामलों को लेकर जिला प्रशासन ने सख्ती दिखाई है। जिला निर्वाचन अधिकारी एवं जिलाधिकारी धर्मेंद्र प्रताप सिंह ने स्पष्ट किया कि मतदाता सूची में नाम शामिल कराने के लिए दो बार फॉर्म-6 भरने के मामले सामने आने पर एफआईआर दर्ज कराने की कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को मतदाता सूची की प्रविष्टियों की सावधानीपूर्वक जांच करने और दोहरे नामों को हटाने के निर्देश दिए।
मतदेय स्थलों के निर्धारण और मतदाता सूची को शुद्ध एवं त्रुटिरहित बनाने के संबंध में बिस्मिल सभागार में राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक आयोजित की गई। बैठक में नए मतदाताओं के नाम शामिल करने, पता बदलने, दोहरे नामों को हटाने और मतदान केंद्रों की स्थिति समेत विभिन्न बिंदुओं पर चर्चा की गई।
पता बदलने के लिए भरना होगा फॉर्म-8
बैठक में डीएम ने कहा कि मतदाता सूची में नाम और पते से संबंधित संशोधन के लिए निर्धारित प्रक्रिया का पालन किया जाए। यदि किसी मतदाता को अपना पता बदलवाना है, तो इसके लिए फॉर्म-8 भरकर आवेदन करना होगा। वहीं, नए मतदाताओं के नाम सूची में शामिल कराने के लिए फॉर्म-6 भरने की प्रक्रिया के बारे में लोगों को जागरूक किया जाए।
उन्होंने राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों से भी अपील की कि वे पात्र मतदाताओं के नाम सूची में शामिल कराने में सहयोग करें। मतदाता सूची में नाम दर्ज कराने के दौरान निर्धारित नियमों और प्रक्रियाओं का पालन सुनिश्चित किया जाए, ताकि किसी भी प्रकार की अनियमितता की गुंजाइश न रहे।
550 दोहरे नाम मतदाता सूची से हटाए
जिलाधिकारी ने बताया कि जिले में दोहरे नाम वाले लगभग 550 मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटाए जा चुके हैं। उन्होंने कहा कि मतदाता सूची को पारदर्शी, सटीक और व्यवस्थित बनाना प्रशासन की प्राथमिकता है। इसके लिए दोहराव वाली प्रविष्टियों की पहचान कर नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है।
डीएम ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि मतदाता सूची की जांच के दौरान विशेष सतर्कता बरती जाए। पात्र मतदाताओं के नाम सूची में शामिल रहें और दोहरे नामों सहित अन्य त्रुटियों को निर्धारित प्रक्रिया के तहत दूर किया जाए। उन्होंने कहा कि मतदाता सूची की शुद्धता निर्वाचन प्रक्रिया की विश्वसनीयता के लिए बेहद महत्वपूर्ण है।
जर्जर विद्यालयों के कारण मतदान केंद्रों की स्थिति पर भी चर्चा
बैठक में मतदेय स्थलों के निर्धारण से संबंधित विषयों पर भी विचार-विमर्श किया गया। जिलाधिकारी ने उपजिलाधिकारियों से जर्जर विद्यालयों के ध्वस्तीकरण के कारण मतदान केंद्रों पर पड़ने वाले प्रभाव की जानकारी ली। उन्होंने संबंधित अधिकारियों से मतदान स्थलों की स्थिति का परीक्षण करने और मतदाताओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए आवश्यक कार्रवाई करने को कहा।
बैठक में मतदाता सूची की त्रुटियों को दूर करने, नए मतदाताओं को जोड़ने और मतदान केंद्रों की व्यवस्था बेहतर बनाने पर जोर दिया गया। प्रशासन का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि निर्वाचन प्रक्रिया में किसी पात्र मतदाता का नाम छूटे नहीं और सूची में दोहराव या अन्य गड़बड़ियां बनी न रहें।