फैक्ट्री स्टेट रामलीला की परंपरा से जुड़ी है आनंद पांडे की आस्था, हर वर्ष हनुमान जी का चोला चढ़ाकर करते हैं पूजन
प्रभु की सेवा का सौभाग्य हर किसी को नहीं मिलता। कुछ लोग अपनी अटूट श्रद्धा, विश्वास और समर्पण से भगवान की सेवा को जीवन का अभिन्न हिस्सा बना लेते हैं। ऐसे ही सरल, सहज और सौम्य व्यक्तित्व के धनी आनंद पांडे उर्फ नंदू भैया हैं, जिन्हें हर वर्ष फैक्ट्री स्टेट श्रीरामलीला मंचन से पहले भगवान हनुमान जी महाराज की सेवा करने का अवसर मिलता है।
फैक्ट्री स्टेट रामलीला के स्वागत द्वार पर विराजमान बजरंगबली को चोला पहनाने और विधि-विधान से पूजन करने की परंपरा नंदू भैया श्रद्धापूर्वक निभाते आ रहे हैं। उनके लिए यह केवल एक धार्मिक रस्म नहीं, बल्कि प्रभु के प्रति समर्पण और आस्था व्यक्त करने का विशेष अवसर है।
चोला चढ़ाकर करते हैं विधि-विधान से पूजन
श्रीरामलीला मंचन शुरू होने से पहले स्वागत द्वार पर विराजमान भगवान हनुमान जी महाराज की पूजा-अर्चना की जाती है। इस दौरान नंदू भैया श्रद्धाभाव से बजरंगबली को चोला पहनाते हैं और विधि-विधान से पूजन करते हैं। उनकी यह सेवा रामलीला से जुड़ी धार्मिक परंपरा और भक्ति भावना को दर्शाती है।
मान्यता है कि भगवान हनुमान अपने भक्तों के संकट दूर करते हैं और उन्हें शक्ति, साहस व सेवा भाव की प्रेरणा देते हैं। यही वजह है कि रामलीला जैसे धार्मिक आयोजनों में हनुमान जी की आराधना का विशेष महत्व रहता है।
आस्था और समर्पण का प्रतीक है यह सेवा
आनंद पांडे उर्फ नंदू भैया के लिए बजरंगबली की सेवा का यह अवसर विशेष महत्व रखता है। हर वर्ष इस परंपरा को निभाकर वह प्रभु के प्रति अपनी श्रद्धा प्रकट करते हैं। उनकी यह सेवा बताती है कि धार्मिक आयोजनों की भव्यता के साथ-साथ उनसे जुड़े लोगों की आस्था और समर्पण भी महत्वपूर्ण होता है।
फैक्ट्री स्टेट श्रीरामलीला से जुड़ी यह परंपरा भक्तिभाव और धार्मिक संस्कृति की उस भावना को सामने लाती है, जिसमें लोग निस्वार्थ भाव से प्रभु की सेवा को अपना सौभाग्य मानते हैं। नंदू भैया के लिए बजरंगबली का चोला चढ़ाना इसी श्रद्धा और समर्पण का प्रतीक है।