फार्मर रजिस्ट्री की समस्याओं से जूझ रहे किसान, खरीद केंद्रों का निरीक्षण कर शिकायतों का लिया संज्ञान
उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर जिले में किसानों की उपज की सरकारी खरीद शुरू न होने और फार्मर रजिस्ट्री में आ रही दिक्कतों को लेकर ददरौल विधायक अरविंद सिंह ने नाराजगी जताई। किसानों की शिकायतों का संज्ञान लेते हुए विधायक रोजा मंडी पहुंचे और खरीद केंद्रों का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उनके मंडी पहुंचने से सरकारी खरीद व्यवस्था को लेकर अधिकारियों और केंद्र प्रभारियों में हलचल तेज हो गई।
विधायक ने मंडी में खरीद केंद्रों की स्थिति देखी और किसानों से बातचीत कर उनकी समस्याओं की जानकारी ली। किसानों की शिकायत है कि सरकारी खरीद में देरी और फार्मर रजिस्ट्री से जुड़ी तकनीकी व अन्य समस्याओं के कारण उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे में उपज की बिक्री और सरकारी खरीद प्रक्रिया से जुड़ी औपचारिकताएं पूरी करना उनके लिए चुनौती बना हुआ है।
खरीद केंद्रों पर व्यवस्थाओं का लिया जायजा
रोजा मंडी पहुंचे विधायक अरविंद सिंह ने खरीद केंद्रों का निरीक्षण कर वहां की व्यवस्थाओं को परखा। उन्होंने किसानों की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए सरकारी खरीद में आ रही बाधाओं की जानकारी ली। निरीक्षण के दौरान तहसीलदार ऋषि दीक्षित, विधायक प्रतिनिधि हरजीत चौहान, मंडी सचिव धनंजय सिंह और विभिन्न खरीद केंद्रों के प्रभारी मौजूद रहे।
किसानों की समस्याओं को लेकर विधायक का मंडी पहुंचना महत्वपूर्ण माना जा रहा है। सरकारी खरीद शुरू होने में देरी और फार्मर रजिस्ट्री की दिक्कतों के कारण किसानों को अपनी उपज बेचने के लिए इंतजार करना पड़ रहा है। ऐसे में खरीद केंद्रों पर व्यवस्थाएं दुरुस्त करने और पंजीकरण संबंधी समस्याओं का समाधान कराने की जरूरत है।
फार्मर रजिस्ट्री की दिक्कतें दूर करना जरूरी
सरकारी खरीद प्रक्रिया को सुचारु बनाने के लिए किसानों की फार्मर रजिस्ट्री से जुड़ी समस्याओं का प्राथमिकता से निस्तारण जरूरी है। इसके लिए संबंधित विभागों को किसानों की शिकायतें दर्ज कर उनकी जांच करनी चाहिए। जिन किसानों के पंजीकरण में तकनीकी या दस्तावेज संबंधी कमियां हैं, उन्हें समय रहते दूर कराने में सहायता दी जानी चाहिए।
इसके साथ ही खरीद केंद्रों पर किसानों को जरूरी जानकारी उपलब्ध कराने, पंजीकरण और सत्यापन की प्रक्रिया में आ रही बाधाओं को दूर करने तथा खरीद की स्थिति स्पष्ट रखने की जरूरत है। इससे किसानों को बार-बार मंडी और सरकारी कार्यालयों के चक्कर लगाने से राहत मिल सकती है।
किसानों की उपज की खरीद समय पर शुरू कराने के साथ यह भी जरूरी है कि केंद्रों पर व्यवस्थाएं पारदर्शी रहें और पात्र किसानों को अनावश्यक परेशानी न हो। अब विधायक के निरीक्षण के बाद किसानों की शिकायतों पर क्या कार्रवाई होती है और खरीद प्रक्रिया कितनी तेजी से आगे बढ़ती है, इस पर किसानों की नजर रहेगी।