संकरे इलाकों में छिपकर चेकिंग और भारी जुर्माने का लगाया आरोप, एसपी को सौंपा दस सूत्रीय ज्ञापन
यातायात पुलिस की ओर से किए जा रहे चालानों और चेकिंग की कथित मनमानी के विरोध में अधिवक्ताओं ने मोर्चा खोल दिया है। सेंट्रल बार एसोसिएशन शाहजहांपुर के महासचिव राजेश अवस्थी के मार्गदर्शन में अधिवक्ता अनूप कुमार के नेतृत्व में महिला और पुरुष अधिवक्ताओं ने पुलिस अधीक्षक कार्यालय के मुख्य गेट पर प्रदर्शन किया। उन्होंने यातायात व्यवस्था में सुधार और चालानों से संबंधित समस्याओं को लेकर पुलिस अधीक्षक को संबोधित दस सूत्रीय ज्ञापन सौंपा। अधिवक्ताओं ने चेतावनी दी कि नवंबर में यातायात माह शुरू होने से पहले उनकी मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन तेज किया जाएगा।
संकरे इलाकों में चेकिंग और चालानों पर जताई नाराजगी
प्रदर्शन कर रहे अधिवक्ताओं का आरोप है कि शहर के रिहाइशी और संकरे इलाकों में यातायात पुलिसकर्मी छिपकर वाहनों की तस्वीरें खींचते हैं और चालान करते हैं। उनका कहना है कि इस तरह की कार्रवाई से आम लोगों और अधिवक्ताओं को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। अधिवक्ताओं ने आरोप लगाया कि नियमों की आड़ में चुनिंदा अधिवक्ताओं के भारी-भरकम चालान किए जा रहे हैं।
उन्होंने मांग की कि यातायात नियमों का पालन कराने के दौरान पुलिसकर्मियों का व्यवहार मर्यादित और पारदर्शी होना चाहिए। नियमों का पालन सुनिश्चित कराने की कार्रवाई किसी के साथ भेदभाव किए बिना की जाए। अधिवक्ताओं ने नवंबर में यातायात माह शुरू होने से पहले यातायात पुलिसकर्मियों की काउंसलिंग कराने का मुद्दा भी उठाया, ताकि आम जनता के साथ उनका व्यवहार बेहतर हो सके।
चेकिंग पॉइंट निर्धारित करने की मांग
ज्ञापन में अधिवक्ताओं ने शहर के भीतर संकरे और भीड़भाड़ वाले इलाकों में छिपकर चेकिंग करने की व्यवस्था बंद करने की मांग की। उनका सुझाव है कि चेकिंग पॉइंट शहर की सीमा से बाहर हाईवे से जुड़े लिंक मार्गों पर पहले से निर्धारित और पारदर्शी तरीके से बनाए जाएं। इससे वाहन चालकों को चेकिंग की जानकारी रहेगी और यातायात व्यवस्था भी प्रभावित नहीं होगी।
अधिवक्ताओं ने शहर के आंतरिक मार्गों पर हेलमेट की अनिवार्यता के संबंध में भी राहत देने की मांग रखी। उनका कहना है कि हेलमेट संबंधी नियमों को हाईवे और तेज गति वाले मुख्य मार्गों पर सख्ती से लागू किया जाए। हालांकि, यह अधिवक्ताओं की ओर से रखी गई मांग है; हेलमेट संबंधी लागू कानूनी प्रावधानों में बदलाव का अधिकार संबंधित सक्षम प्राधिकारी के पास ही है।
वर्दीधारियों पर भी नियम लागू करने की मांग
अधिवक्ताओं ने ज्ञापन में कहा कि यातायात नियम सभी पर समान रूप से लागू होने चाहिए। उन्होंने वर्दीधारी पुलिसकर्मियों समेत नियमों का उल्लंघन करने वाले सभी लोगों के खिलाफ मोटर वाहन अधिनियम की धारा 210ए और 210बी के तहत कार्रवाई की मांग की। उनका कहना है कि नियमों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध नियमानुसार जुर्माना लगाया जाए और कार्रवाई का ऑनलाइन रिकॉर्ड भी रखा जाए।
इसके साथ ही अधिवक्ताओं ने कलेक्ट्रेट और न्यायालय परिसर के आसपास 500 मीटर के दायरे में अधिवक्ताओं के खिलाफ कथित तौर पर दुर्भावनापूर्ण तरीके से किए गए चालानों को निरस्त करने की मांग उठाई। उन्होंने प्रशासन से ऐसे मामलों की समीक्षा कर उचित निर्णय लेने की अपील की।
मांगें पूरी नहीं हुईं तो नवंबर में आंदोलन तय
अधिवक्ताओं ने जिला और पुलिस प्रशासन से नवंबर में यातायात माह शुरू होने से पहले मांगों पर सकारात्मक और स्पष्ट कार्रवाई करने को कहा। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर ठोस सुधार दिखाई नहीं दिए तो पूरे नवंबर माह में आंदोलन किया जाएगा।
अधिवक्ताओं के मुताबिक, इस दौरान शहर के प्रमुख चौराहों और तिराहों पर शांतिपूर्ण एवं लोकतांत्रिक तरीके से विरोध प्रदर्शन किया जाएगा। इसके साथ ही अनिश्चितकालीन धरना शुरू करने की चेतावनी भी दी गई है। अधिवक्ताओं ने कहा कि उनका उद्देश्य यातायात व्यवस्था में पारदर्शिता सुनिश्चित कराना, जनता की परेशानियों को दूर करना और सभी के लिए समान नियम लागू कराना है।
प्रदर्शन के दौरान अनूप कुमार, सुरेश पाल सिंह, रविंद्र कुमार, दीपक सक्सेना, रीता गौतम, शोयब, फारिया, अमित कुमार, रमेश कुमार, राजेश अवस्थी उर्फ संत कुमार, जितेंद्र कुमार और कंचन समेत कई अधिवक्ता मौजूद रहे। सभी ने ज्ञापन पर सामूहिक रूप से हस्ताक्षर कर अपनी मांगों के प्रति एकजुटता जताई।