उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर में ऐतिहासिक फैक्ट्री स्टेट श्रीरामलीला में रावण यानी लंकेश का दमदार किरदार निभाने वाले अंकित सक्सेना अपने अभिनय, समर्पण और प्रतिभा से अलग पहचान बना चुके हैं। वर्ष 2007 से लगातार रावण की भूमिका निभा रहे अंकित के प्रभावशाली संवाद और मंच पर उनकी प्रस्तुति दर्शकों के आकर्षण का केंद्र रहती है। रावण के विशाल व्यक्तित्व को जीवंत करने के लिए वह महीनों पहले से तैयारी शुरू कर देते हैं। रामलीला के मंच से शुरू हुआ उनका अभिनय सफर नाटकों, टेलीफिल्मों और शॉर्ट फिल्मों तक पहुंच चुका है। अब उनकी दो वेब सीरीज भी दिसंबर में रिलीज होने वाली हैं।
पहली बार रावण बनने की घोषणा हुई तो रातभर नहीं आई नींद
अंकित सक्सेना वर्ष 2006 में फैक्ट्री स्टेट श्रीरामलीला से जुड़े थे। इसी दौरान उनके मन में रावण का किरदार निभाने की इच्छा जगी। अगले ही वर्ष 2007 में उन्हें लंकेश की भूमिका निभाने का अवसर मिला। अंकित बताते हैं कि जब पहली बार रावण के किरदार के लिए उनके नाम की घोषणा हुई तो खुशी के मारे वह पूरी रात सो नहीं सके।
इसके बाद से रावण की भूमिका उनकी अभिनय यात्रा का अहम हिस्सा बन गई। हर साल दर्शक उनके दमदार संवादों और प्रभावशाली अभिनय को देखने के लिए उत्साहित रहते हैं। अंकित के लिए यह किरदार केवल मंच पर निभाई जाने वाली भूमिका नहीं, बल्कि साधना और समर्पण का अवसर है।
तीन महीने पहले से शुरू कर देते हैं तैयारी
रावण के विशाल व्यक्तित्व और प्रभावशाली रूप को मंच पर उतारने के लिए अंकित करीब तीन महीने पहले से दाढ़ी बढ़ाना शुरू कर देते हैं। पूर्वाभ्यास के दौरान वह संवादों, हाव-भाव और किरदार की भाव-भंगिमाओं पर विशेष ध्यान देते हैं। उनका प्रयास रहता है कि रावण का व्यक्तित्व और उसकी विद्वत्ता दर्शकों के सामने प्रभावी ढंग से प्रस्तुत हो।
अंकित रावण को केवल खलनायक के रूप में नहीं देखते। उनके अनुसार, रावण ज्ञान, विद्वत्ता और पराक्रम से जुड़ा एक महान व्यक्तित्व था। इस चरित्र को मंच पर जीवंत करना उनके लिए गर्व की बात है। वह दर्शकों से मिलने वाले प्यार और आशीर्वाद को अपनी सबसे बड़ी ताकत मानते हैं।
कैलिफोर्निया विश्वविद्यालय की प्रोफेसर भी हैं अभिनय की मुरीद
अंकित के अभिनय की पहचान विदेश तक पहुंची है। कैलिफोर्निया विश्वविद्यालय की हिंदी प्रोफेसर भी उनके अभिनय से प्रभावित हैं। भारत आने पर वह अंकित से मिलने उनके घर पहुंचती हैं। अंकित के अनुसार, प्रोफेसर ने उनके साथ नाटक ‘वीर अभिमन्यु’ में अभिनय भी किया था।
इस नाटक को प्रोफेसर अपने साथ अमेरिका ले गईं और वहां विद्यार्थियों के अध्ययन के लिए प्रस्तुत किया। मंचन के दौरान खींची गई तस्वीरें भी उन्होंने अंकित को उपहार स्वरूप भेंट कीं। यह अनुभव अंकित के लिए खास रहा और उनके अभिनय को मिली अंतरराष्ट्रीय सराहना का यादगार उदाहरण बना।
अभिनय के साथ निर्देशन में भी आजमाया हाथ
अंकित सक्सेना अभिनय के साथ निर्देशन में भी अपनी प्रतिभा दिखा चुके हैं। वर्ष 2013 में उन्होंने फैक्ट्री स्टेट श्रीरामलीला में सह-निर्देशक की जिम्मेदारी निभाई थी। इस वर्ष भी वह निर्देशन से जुड़े हुए हैं। रामलीला के अलावा उन्होंने कई नाटकों, टेलीफिल्मों और शॉर्ट फिल्मों में काम किया है।
शॉर्ट फिल्म ‘द प्रॉस्टिट्यूट’ में महिला का किरदार निभाकर उन्होंने अपनी बहुमुखी अभिनय क्षमता का परिचय दिया। अलग-अलग तरह की भूमिकाओं को निभाने का उनका अनुभव उन्हें मंच और कैमरे, दोनों माध्यमों में काम करने के लिए प्रेरित करता है।
दिसंबर में रिलीज होंगी दो वेब सीरीज
अंकित सक्सेना ने बताया कि उनकी दो वेब सीरीज दिसंबर में रिलीज होने वाली हैं। दर्शक जल्द ही उन्हें नए अंदाज में देख सकेंगे। अभिनय के प्रति अपने लगाव को साझा करते हुए वह कहते हैं कि उन्हें लगातार काम करते रहना पसंद है। वह अपनी उपलब्धियों का श्रेय भगवान के आशीर्वाद और दर्शकों के स्नेह को देते हैं।
अंकित ने दर्शकों से मिले प्यार के लिए आभार भी जताया। वर्षों से लंकेश के किरदार को निभाते हुए उन्होंने फैक्ट्री स्टेट श्रीरामलीला में अपनी अलग पहचान बनाई है। उनके लिए दर्शकों की सराहना ही आगे बेहतर काम करने की सबसे बड़ी प्रेरणा है।