Thursday, October 29, 2026

शाहजहांपुर: दुनिया के शीर्ष वैज्ञानिकों में शामिल हुए जीएफ कॉलेज के डॉ. सईद अख्तर

लेखक: Jagran Today | Category: उत्तर प्रदेश | Published: October 14, 2026

शाहजहांपुर: दुनिया के शीर्ष वैज्ञानिकों में शामिल हुए जीएफ कॉलेज के डॉ. सईद अख्तर

प्लांट बायोलॉजी और बॉटनी में 561वीं वैश्विक रैंक मिलने का दावा, शाहजहांपुर का नाम किया रोशन

शैलेंद्र पांडेय, शाहजहांपुर

जागरण टुडे। उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर स्थित जीएफ कॉलेज के बॉटनी विभाग के प्रोफेसर डॉ. मो. सईद अख्तर ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाई है। उन्हें स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी और एल्सेवियर के सहयोग से तैयार की जाने वाली दुनिया के शीर्ष दो प्रतिशत वैज्ञानिकों की प्रतिष्ठित सूची में स्थान मिलने की जानकारी सामने आई है। उनकी इस उपलब्धि से कॉलेज सहित जिले के शैक्षणिक जगत में खुशी का माहौल है।

उपलब्ध जानकारी के अनुसार, डॉ. अख्तर को करियर-लॉन्ग और सिंगल-ईयर, दोनों श्रेणियों में सूची में जगह मिली है। सभी वैज्ञानिक विषयों को मिलाकर उनकी वैश्विक रैंक 37,904वीं बताई गई है। वहीं, प्लांट बायोलॉजी एवं बॉटनी के क्षेत्र में उन्हें 561वीं वैश्विक रैंक मिलने की जानकारी दी गई है। यह उपलब्धि उनके शोध कार्यों और वैज्ञानिक योगदान को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मिली पहचान के रूप में देखी जा रही है।

बायोफर्टिलाइजर और पर्यावरण संरक्षण पर शोध

डॉ. मो. सईद अख्तर का शोध कार्य प्लांट बायोलॉजी, बॉटनी और पर्यावरण विज्ञान से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर केंद्रित है। वह बायोफर्टिलाइजर, फाइटोरेमेडिएशन और पौधों तथा सूक्ष्मजीवों के बीच होने वाली परस्पर क्रियाओं जैसे विषयों पर शोध कर रहे हैं।

बायोफर्टिलाइजर यानी जैव उर्वरक कृषि में उपयोगी सूक्ष्मजीवों की मदद से पौधों को पोषक तत्व उपलब्ध कराने में सहायक होते हैं। वहीं, फाइटोरेमेडिएशन ऐसी प्रक्रिया है, जिसमें पौधों की मदद से मिट्टी और पानी में मौजूद कुछ प्रदूषकों को कम करने या हटाने का प्रयास किया जाता है। इन विषयों पर शोध टिकाऊ कृषि, पर्यावरण संरक्षण और प्रदूषण नियंत्रण की दिशा में उपयोगी साबित हो सकता है।

युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत बनी उपलब्धि

डॉ. अख्तर की इस उपलब्धि को शाहजहांपुर के उच्च शिक्षा और शोध जगत के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिलने से कॉलेज के विद्यार्थियों और युवा शोधकर्ताओं को विज्ञान के क्षेत्र में आगे बढ़ने की प्रेरणा मिलेगी। उनकी उपलब्धि यह भी दर्शाती है कि स्थानीय शिक्षण संस्थानों में कार्यरत शोधकर्ता अपने वैज्ञानिक कार्यों के माध्यम से वैश्विक मंच पर पहचान बना सकते हैं।

वैज्ञानिकों की शीर्ष दो प्रतिशत सूची में स्थान मिलने की जानकारी ने जिले में शैक्षणिक उपलब्धियों को लेकर उत्साह बढ़ाया है। हालांकि, संबंधित सूची में उनकी सटीक रैंक और दोनों श्रेणियों में चयन की पुष्टि के लिए आधिकारिक प्रोफाइल या सूची का सत्यापन किया जाना उचित होगा।

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