पीएम श्री विद्यालय सेहरामऊ दक्षिणी में 10 लाख से बनेगा एस्ट्रोलैब, एक सप्ताह में मुख्य गेट का काम पूरा करने के निर्देश
उत्तर प्रदेश के जनपद शाहजहांपुर में विकासखंड भावलखेड़ा के पीएम श्री संविलियन विद्यालय सेहरामऊ दक्षिणी में मनरेगा से निर्मित मध्याह्न भोजन शेड हवा से गिरने के मामले को जिलाधिकारी धर्मेंद्र प्रताप सिंह ने गंभीरता से लिया है। उन्होंने मामले की जांच कराकर निर्माण में लापरवाही के लिए जिम्मेदार लोगों से धनराशि की वसूली और उनके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराने के निर्देश दिए हैं। वहीं, विद्यालय में बच्चों को विज्ञान और खगोल विज्ञान की जानकारी देने के लिए 10 लाख रुपये की लागत से एस्ट्रोलैब बनाया जाएगा।
जिलाधिकारी ने शुक्रवार को विद्यालय का निरीक्षण कर निर्माण कार्यों की गुणवत्ता, शैक्षिक व्यवस्था और परिसर में उपलब्ध सुविधाओं का जायजा लिया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को विद्यालय की व्यवस्थाएं बेहतर बनाने और अधूरे कार्यों को समय से पूरा कराने के निर्देश दिए।
शेड गिरने के मामले में जांच, दोषियों पर होगी कार्रवाई
निरीक्षण के दौरान डीएम ने मनरेगा के तहत निर्मित मध्याह्न भोजन शेड के हवा से गिरने के मामले में एसडीएम सदर प्रभात कुमार राय को जांच कराने के निर्देश दिए। जांच तहसीलदार और नायब तहसीलदार के माध्यम से कराई जाएगी। डीएम ने स्पष्ट किया कि जांच में जो भी जिम्मेदार पाया जाएगा, उससे धनराशि की वसूली की जाए और उसके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराने की कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
विद्यालय के मुख्य गेट पर टाइल और मेटल का काम एक सप्ताह के भीतर पूरा कराने को कहा। भवनों के रखरखाव, रंगाई-पुताई और फर्नीचर की व्यवस्था दुरुस्त करने के निर्देश दिए। खुली विद्युत वायरिंग को व्यवस्थित कराने और खिड़कियों में जाली लगवाने को भी कहा। जर्जर कमरों को नियमानुसार ध्वस्त कराने के साथ बरामदे में टाइलीकरण और परिसर की साफ-सफाई बेहतर रखने की जिम्मेदारी खंड विकास अधिकारी को सौंपी।
बच्चों से पूछे सवाल, परखी पढ़ाई और मध्याह्न भोजन की गुणवत्ता
डीएम ने विद्यालय की विभिन्न कक्षाओं में पहुंचकर बच्चों से सवाल पूछे और उनके शैक्षिक स्तर की जानकारी ली। निरीक्षण के दौरान नायब तहसीलदार सदर गरिमा ने बच्चों को सामाजिक विज्ञान पढ़ाया। डीएम ने बच्चों को चॉकलेट और फ्रूटी भी वितरित कराई। उन्होंने विद्यालय में मिलने वाले मध्याह्न भोजन की गुणवत्ता भी परखी और सभी सीसीटीवी कैमरों को क्रियाशील रखने के निर्देश दिए।
बच्चों की खेल प्रतिभा को निखारने के लिए जिला क्रीड़ा अधिकारी को कोच नियुक्त करने की व्यवस्था करने को कहा। इसके साथ ही विद्यालय में संगीत शिक्षक की व्यवस्था कराने के निर्देश भी दिए, ताकि पढ़ाई के साथ बच्चों की खेल और सांस्कृतिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिल सके।
परिसर में लगेंगे हरिशंकरी पौधे, पोषण वाटिका होगी बेहतर
डीएम ने विद्यालय परिसर में दोबारा बड़े हरिशंकरी पौधे लगवाने के निर्देश दिए। पोषण वाटिका की रंगाई-पुताई कराने के साथ पौधों के नाम की पट्टिकाएं और क्यूआर कोड लगवाने को कहा। बालक और बालिका शौचालयों की नियमित सफाई सुनिश्चित कराने के लिए सफाईकर्मी की ड्यूटी लगाने के निर्देश दिए।
विद्यालय में कार्यक्रमों के आयोजन के लिए बनाए गए मंच के सामने बैठने की व्यवस्था बेहतर बनाने और पूरे परिसर को व्यवस्थित रखने पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि विद्यालय में उपलब्ध सुविधाओं का रखरखाव बेहतर होना चाहिए, जिससे बच्चों को स्वच्छ और अनुकूल वातावरण मिल सके।
आंगनबाड़ी केंद्र में भी सुधार के निर्देश
विद्यालय परिसर में स्थित आंगनबाड़ी केंद्र का भी डीएम ने निरीक्षण किया। उन्होंने केंद्र में टाइलीकरण और रंगाई-पुताई कराने के निर्देश दिए, ताकि छोटे बच्चों को स्वच्छ और बेहतर वातावरण उपलब्ध कराया जा सके। डीएम ने बताया कि विद्यालय में 10 लाख रुपये की लागत से एस्ट्रोलैब बनाया जाएगा। इसके लिए आवश्यक तैयारियां समय से पूरी करने को कहा गया है। एस्ट्रोलैब के निर्माण से बच्चों को खगोलीय गतिविधियों और विज्ञान से जुड़ी अवधारणाओं को समझने का अवसर मिलेगा।
निरीक्षण के दौरान एसडीएम सदर प्रभात कुमार राय, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी जयशंकर श्रीवास्तव, जिला क्रीड़ा अधिकारी एसपी बामनिया, खंड विकास अधिकारी, खंड शिक्षा अधिकारी समेत अन्य अधिकारी मौजूद रहे।