फॉरएवर ग्लोबल एंटरप्राइजेज लिमिटेड शुगर यूनिट, मीरगंज(बरेली) की ओर से क्षेत्र के इटऊआ, बसई, गहवरा, लाबाखेडा और मडौली गांव में किसान गोष्ठियों का आयोजन किया गया। गोष्ठियों की अध्यक्षता पूर्व वैज्ञानिक डॉ. वीसी जादौन ने की। प्रत्येक गोष्ठी में करीब 150 किसानों ने भाग लिया। इस दौरान किसानों को गन्ने की बेहतर पैदावार और फसल को रोग एवं कीटों से बचाने के लिए वैज्ञानिक विधियों की जानकारी दी गई।
डॉ. वीसी जादौन ने किसानों को गन्ने की खेती में ट्राइकोडर्मा के प्रयोग, बीज शोधन और गहरी जुताई के महत्व के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि बेहतर उत्पादन के लिए गन्ने की बुवाई उचित दूरी पर करना जरूरी है। लाइन से लाइन की दूरी करीब चार फीट रखने, दो आंख वाले गन्ने के टुकड़े की बुवाई करने तथा बुवाई के बाद गन्ने के ऊपर करीब एक से डेढ़ इंच मिट्टी डालने की सलाह दी। उन्होंने संतुलित उर्वरकों के प्रयोग पर भी जोर दिया।
गोष्ठियों में किसानों को गन्ने में लगने वाले रेड रॉट, टॉप बोरर सहित अन्य प्रमुख कीट एवं रोगों की पहचान और उनसे बचाव के उपाय बताए गए। किसानों से फसल की नियमित निगरानी करने तथा समय रहते रोग एवं कीट नियंत्रण के उपाय अपनाने की अपील की गई।
सीनियर सीएम मोहन स्वरूप गंगवार ने किसानों को शीतकालीन गन्ना बुवाई के लिए चीनी मिल की ओर से उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं और अनुदान की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि किसानों को सरसों, ट्राइकोडर्मा (भूमि शोधन), हेक्सास्टाफ (बीज शोधन) पर 50 प्रतिशत अनुदान दिया जा रहा है। इसके अलावा एसएसपी, माइक्रोन्यूट्रिएंट्स और कृषि यंत्रों जैसे ट्रेंच ओपनर, झटका मशीन, पलकटी एफआरबी आदि पर भी मिल की ओर से अनुदान की व्यवस्था की गई है।
गोष्ठियों में क्षेत्रीय प्रबंधक, क्षेत्राधिकारियों और फील्ड स्टाफ ने भी किसानों से संवाद किया तथा गन्ने की खेती से संबंधित उनकी समस्याओं और जिज्ञासाओं की जानकारी ली। अधिकारियों ने किसानों से वैज्ञानिक तकनीकों को अपनाकर गन्ने की उत्पादकता बढ़ाने का आह्वान किया।