उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर जिले में अतिवृष्टि से फसलों को हुए नुकसान के बाद प्रभावित किसानों को राहत देने की प्रक्रिया तेज कर दी गई है। जिलाधिकारी धर्मेंद्र प्रताप सिंह के निर्देश पर राजस्व विभाग की टीमें गांव-गांव पहुंचकर फसल क्षति का सर्वे कर रही हैं। लेखपालों के माध्यम से जुटाए जा रहे आंकड़ों की पोर्टल पर फीडिंग भी कराई जा रही है।
अब तक जिले की चारों तहसीलों के 85 गांवों के 381 किसानों की 161.41 हेक्टेयर फसल क्षति का विवरण दर्ज किया जा चुका है। इसके सापेक्ष 28 लाख 76 हजार 401 रुपये की धनराशि की फीडिंग भी पूरी हो गई है। अधिकारियों के अनुसार प्रभावित किसानों का सर्वे और क्षति संबंधी आंकड़ों की फीडिंग अभी जारी है।
पुवायां तहसील में सबसे अधिक फसल क्षतितहसीलवार आंकड़ों के अनुसार पुवायां क्षेत्र में अतिवृष्टि से सबसे अधिक फसल क्षति दर्ज की गई है। यहां 49 गांवों के 238 किसानों की 117.24 हेक्टेयर फसल प्रभावित होने का विवरण फीड किया गया है।
वहीं शाहजहांपुर तहसील में 18 गांवों के 87 किसानों की 23.77 हेक्टेयर, तिलहर तहसील में 13 गांवों के 42 किसानों की 18.88 हेक्टेयर और जलालाबाद तहसील में छह गांवों के 14 किसानों की 1.53 हेक्टेयर फसल क्षति का ब्योरा दर्ज किया गया है।
25 से 27 सितंबर के बीच हुई थी भारी बारिशजिले में 25 से 27 सितंबर के बीच हुई भारी बारिश के बाद कई क्षेत्रों में फसलों को नुकसान पहुंचा था। स्थिति का जायजा लेने के लिए जिलाधिकारी ने प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण किया था। उन्होंने अधिकारियों को मौके पर जाकर नुकसान का आकलन करने और प्रभावित किसानों का विवरण जुटाने के निर्देश दिए थे।
इसके बाद राजस्व विभाग की टीमों ने गांवों में पहुंचकर किसानों से जानकारी जुटाई और प्रभावित फसलों का सर्वे किया। प्राप्त आंकड़ों को निर्धारित प्रक्रिया के तहत पोर्टल पर दर्ज किया जा रहा है।
फीडिंग के आधार पर वितरित होगी राहत राशिप्रशासन के अनुसार सर्वे के दौरान सामने आ रहे प्रभावित किसानों के विवरण और फसल क्षति के आंकड़ों की फीडिंग का काम लगातार जारी है। जैसे-जैसे किसानों का सत्यापित विवरण और सहायता के लिए निर्धारित धनराशि पोर्टल पर दर्ज होगी, उसी के अनुसार राहत राशि वितरण की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी।
प्रशासन का कहना है कि अतिवृष्टि से प्रभावित किसानों को नियमानुसार जल्द से जल्द राहत उपलब्ध कराने के लिए संबंधित विभागों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।