जिले में पिछले दो दिनों से हो रही भारी बारिश के बाद गर्रा और खन्नौत नदियों के जलस्तर में बढ़ोतरी की आशंका ने प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है। अब तक की तीसरी सर्वाधिक बारिश दर्ज होने के बाद संभावित बाढ़ के खतरे को देखते हुए प्रशासन ने संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी बढ़ा दी है। अधिकारियों को नदी किनारे और जलभराव वाले इलाकों में लगातार नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं।
जिलाधिकारी धर्मेंद्र प्रताप सिंह ने शनिवार को हनुमत धाम पहुंचकर खन्नौत नदी के जलस्तर का जायजा लिया। उन्होंने नदी की मौजूदा स्थिति और संभावित बढ़ोतरी को लेकर संबंधित अधिकारियों से जानकारी ली। इसके बाद जिलाधिकारी ने गर्रा नदी के जलस्तर की स्थिति भी परखी।
24 से 36 घंटे अहम
प्रशासन के मुताबिक मौजूदा परिस्थितियों को देखते हुए अगले 24 से 36 घंटे गर्रा नदी के लिए अहम हो सकते हैं। इस दौरान गर्रा नदी का जलस्तर करीब तीन से चार फीट तक बढ़ने का अनुमान है। वहीं खन्नौत नदी के जलस्तर में भी अगले 24 घंटे के दौरान दो से तीन फीट तक बढ़ोतरी की संभावना जताई गई है।
नदियों के जलस्तर में संभावित वृद्धि को देखते हुए प्रशासन ने नदी किनारे बसे इलाकों और निचले क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं। अधिकारियों और कर्मचारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में भ्रमण करते रहने और जलस्तर पर नजर रखने को कहा गया है।
संवेदनशील इलाकों में बढ़ाई निगरानी
भारी बारिश के कारण पहले से ही कई स्थानों पर जलभराव की स्थिति बनी हुई है। ऐसे में नदियों का जलस्तर बढ़ने से निचले इलाकों में परेशानी बढ़ने की आशंका है। प्रशासन ने संवेदनशील क्षेत्रों की स्थिति पर लगातार नजर रखने के साथ ही संभावित बाढ़ की स्थिति से निपटने की तैयारियां तेज कर दी हैं।
जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि नदी के जलस्तर में किसी भी असामान्य वृद्धि या जलभराव की स्थिति की सूचना तत्काल उच्चाधिकारियों को दी जाए। साथ ही जरूरत पड़ने पर प्रभावित क्षेत्रों में राहत और बचाव कार्य तत्काल शुरू करने की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। प्रशासन की ओर से लोगों से भी सतर्क रहने और नदी व जलभराव वाले क्षेत्रों में अनावश्यक रूप से नहीं जाने की अपील की जा रही है। अगले 24 से 36 घंटे में नदियों के जलस्तर में होने वाली बढ़ोतरी पर प्रशासन की विशेष नजर रहेगी।