स्वर्गीय विद्यावती जी की छठी पुण्यतिथि पर सत्य विद्या फाउंडेशन की ओर से ददरौल क्षेत्र के लालपुर स्थित विद्या प्लाई एंड बोर्ड प्राइवेट लिमिटेड परिसर में वृहद निशुल्क चिकित्सा शिविर लगाया गया। करीब चार घंटे चले शिविर में विभिन्न रोगों से पीड़ित 425 मरीजों की जांच की गई। चिकित्सकों ने मरीजों को आवश्यक परामर्श देने के साथ ही निशुल्क दवाएं भी उपलब्ध कराईं।
शिविर में नेत्र रोगों से संबंधित 225 मरीजों की विशेष रूप से जांच की गई। इनमें जरूरतमंद सौ से अधिक नेत्र रोगियों को निशुल्क चश्मे वितरित किए गए। आयोजक अशोक अग्रवाल ने बताया कि शिविर का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर और असहाय लोगों को विशेषज्ञ चिकित्सकों की सेवाएं और उचित चिकित्सकीय परामर्श उपलब्ध कराना था, ताकि उन्हें इलाज के लिए दूर न जाना पड़े।
दस से अधिक विशेषज्ञ चिकित्सकों ने किया परीक्षण
वरुण अर्जुन मेडिकल कॉलेज के सहयोग से आयोजित शिविर में सामान्य रोग, सर्जरी, गुप्त रोग, नेत्र, दंत, हड्डी, नाक-कान-गला, छाती एवं श्वास, स्त्री एवं प्रसूति तथा चर्म रोग से संबंधित मरीजों की जांच की गई।
दंत रोगियों की सुविधा के लिए शिविर स्थल पर मोबाइल वैन की भी व्यवस्था की गई थी। इसमें मरीजों को दंत रोगों से संबंधित परामर्श और उपचार की सुविधा उपलब्ध कराई गई।
शिविर में डॉ. विवेक वर्मा, डॉ. ऋषि पटेल, डॉ. कुश पटेल, डॉ. अनुराग प्रकाश, डॉ. प्रिया मिश्रा, डॉ. सारांश, डॉ. अनस सैफी, डॉ. अर्पित कुमार, डॉ. अंशू यादव और डॉ. धनश्री ने मरीजों का परीक्षण किया।
सौ से अधिक मरीजों को बांटे निशुल्क चश्मे
नेत्र जांच के बाद जरूरतमंद मरीजों को निशुल्क चश्मे उपलब्ध कराने की व्यवस्था भी की गई। हेल्प लाइन संस्था की ओर से सौ से अधिक नेत्र रोगियों को चश्मे वितरित किए गए। इससे आर्थिक रूप से कमजोर मरीजों को काफी राहत मिली।
जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने अर्पित किए श्रद्धासुमन
शिविर के दौरान सांसद मिथलेश कुमार कठेरिया, विधायक अरविंद सिंह, जिलाधिकारी डीपी सिंह, एडीएम रजनीश मिश्रा, जिला कारागार अधीक्षक जेपी तिवारी, महानगर अध्यक्ष शिल्पी गुप्ता, जिला सहकारी बैंक अध्यक्ष डीपी सिंह राठौर समेत विभिन्न सामाजिक संगठनों और संस्थाओं के पदाधिकारी मौजूद रहे।
सभी ने स्वर्गीय विद्यावती जी के चित्र पर श्रद्धासुमन अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी। आयोजन से जुड़े लोगों ने बताया कि जरूरतमंदों तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाना और आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को चिकित्सकीय सहायता उपलब्ध कराना शिविर का प्रमुख उद्देश्य रहा।