राष्ट्रीय सर्पदंश जागरूकता दिवस पर CHC मीरगंज में लोगों को किया जागरूक
ओमकार गंगवार,मीरगंज(बरेली)
राष्ट्रीय सर्पदंश जागरूकता दिवस के अवसर पर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) मीरगंज में लोगों को सर्पदंश से बचाव, प्राथमिक सावधानियों और समय पर उपचार के प्रति जागरूक किया गया। स्वास्थ्य कर्मियों ने लोगों को बताया कि सांप के काटने की स्थिति में घबराने के बजाय पीड़ित को जल्द से जल्द अस्पताल पहुंचाना चाहिए। समय पर उपचार मिलने से सर्पदंश के गंभीर प्रभावों से बचाव संभव है।
कार्यक्रम में डॉ. रोहन दिवाकर ने सर्पदंश की स्थिति में बरती जाने वाली सावधानियों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि सांप के काटने के बाद किसी भी तरह की झाड़-फूंक या घरेलू उपचार के चक्कर में समय बर्बाद नहीं करना चाहिए। पीड़ित को तत्काल नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र या अस्पताल ले जाना चाहिए, जहां चिकित्सकीय जांच के बाद आवश्यक उपचार किया जा सके।
उन्होंने बताया कि सर्पदंश के बाद प्रभावित व्यक्ति को शांत रखें और अनावश्यक रूप से चलने-फिरने न दें। काटे गए स्थान पर चीरा लगाना, जहर चूसने का प्रयास करना, कसकर रस्सी या कपड़ा बांधना तथा बिना चिकित्सकीय सलाह के दवा देना नुकसानदायक हो सकता है। उन्होंने ग्रामीण क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बरतने की अपील की।
फार्मासिस्ट संदीप कटियार और विनय पाल भदौरिया ने भी सर्पदंश की स्थिति में प्राथमिक स्तर पर बरती जाने वाली सावधानियों के बारे में जानकारी दी। उन्होंने लोगों से बारिश के मौसम और खेतों में काम करते समय विशेष सावधानी बरतने की अपील की।
स्वास्थ्य कर्मियों ने कहा कि सर्पदंश की स्थिति में सही जानकारी और समय पर चिकित्सकीय सहायता ही सबसे महत्वपूर्ण है। लोगों को अंधविश्वास से बचते हुए वैज्ञानिक उपचार को प्राथमिकता देनी चाहिए।