शहर के सुभाषनगर क्षेत्र में बनी स्मार्ट रोड पर जमी घास और गंदगी की सफाई के लिए गुरुवार को नगर आयुक्त सौम्या गुरुरानी को खुद मैदान में उतरना पड़ा। नगर आयुक्त ने मौके पर सफाई अभियान चलाया। उनके साथ पार्षद समेत दर्जनों लोगों ने भी सफाई में हिस्सा लिया और लोगों को स्वच्छता का संदेश दिया।
स्मार्ट रोड पर जगह-जगह घास और गंदगी जमा होने की जानकारी मिलने के बाद नगर आयुक्त मौके पर पहुंचीं। उन्होंने खुद सफाई अभियान में भाग लिया और सफाई व्यवस्था का जायजा लिया। इस दौरान पार्षद और स्थानीय लोगों ने भी झाड़ू उठाकर सड़क किनारे जमा कचरे और घास को हटाया।
नगर आयुक्त ने खुद संभाली सफाई की कमान
अधिकारियों के सड़क पर उतरकर सफाई अभियान में शामिल होने से लोगों का ध्यान भी इस ओर गया। अभियान के दौरान स्मार्ट रोड के आसपास सफाई की गई और सड़क किनारे जमा गंदगी को हटाया गया। नगर निगम की ओर से शहर में स्वच्छता व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए अभियान चलाए जाते हैं। इसके बावजूद स्मार्ट रोड जैसी प्रमुख सड़क पर घास और गंदगी का जमा होना नियमित सफाई व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है।
नियमित सफाई पर उठ रहे सवाल
स्मार्ट रोड के निर्माण का उद्देश्य शहर को बेहतर और सुविधाजनक सड़क व्यवस्था उपलब्ध कराना है। ऐसे में इसकी साफ-सफाई और रखरखाव भी महत्वपूर्ण है। सवाल यह है कि जब स्मार्ट रोड की नियमित सफाई नगर निगम के कर्मचारियों की जिम्मेदारी है तो यहां नियमित सफाई क्यों नहीं हो पाई?
स्थानीय लोगों के बीच यह चर्चा भी रही कि क्या सफाई व्यवस्था अधिकारियों के मौके पर पहुंचने के बाद ही सक्रिय होती है। यदि प्रमुख मार्गों पर नियमित निगरानी और सफाई हो तो इस तरह विशेष अभियान चलाने की जरूरत कम पड़ सकती है। स्मार्ट रोड की नियमित सफाई, घास की कटाई और निगरानी को लेकर नगर निगम की कार्यप्रणाली पर अब ध्यान देने की जरूरत महसूस की जा रही है, ताकि शहर की प्रमुख सड़कों की स्वच्छता व्यवस्था लगातार बनी रहे।