स्कूली बच्चों की सुरक्षा को लेकर परिवहन विभाग ने सख्ती शुरू कर दी है। ‘मिशन सेफ फ्यूचर 3.0’ अभियान के तहत बुधवार को जिले के विभिन्न स्कूलों के आसपास वाहनों की जांच की गई। इस दौरान नियमों का उल्लंघन करते हुए संचालित किए जा रहे पांच निजी वाहनों को अलग-अलग थानों में निरुद्ध किया गया।
परिवहन आयुक्त, उत्तर प्रदेश के निर्देश पर यह विशेष अभियान 14 से 19 सितंबर तक चलाया जा रहा है। अभियान का उद्देश्य स्कूली बच्चों को सुरक्षित और सुगम परिवहन सुविधा उपलब्ध कराना तथा नियम विरुद्ध संचालित होने वाले वाहनों पर प्रभावी कार्रवाई करना है।
स्कूलों के आसपास पहुंची परिवहन विभाग की टीम
सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी प्रवर्तन के नेतृत्व में बुधवार को जनपद के विभिन्न स्कूलों के आसपास जांच अभियान चलाया गया। टीम ने स्कूली बच्चों को लाने-ले जाने में इस्तेमाल किए जा रहे निजी वाहनों की जांच की।
जांच के दौरान वाहन के संचालन और जरूरी मानकों का पालन किए जाने की स्थिति देखी गई। नियमों के विपरीत संचालित पाए गए पांच निजी वाहनों को मौके पर कार्रवाई करते हुए संबंधित थानों में निरुद्ध कराया गया।
परिवहन विभाग की इस कार्रवाई से स्कूलों के आसपास स्कूली वाहनों का संचालन करने वाले वाहन संचालकों में भी सतर्कता बढ़ गई है। विभाग का कहना है कि अभियान के दौरान नियमों की अनदेखी करने वाले वाहनों पर कार्रवाई की जाएगी।
बच्चों की सुरक्षा से समझौता नहीं
अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि स्कूली बच्चों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। बच्चों को स्कूल तक लाने-ले जाने वाले वाहनों के संचालन में निर्धारित नियमों का पालन जरूरी है। किसी भी स्तर पर लापरवाही या नियमों की अनदेखी पाए जाने पर संबंधित वाहन के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
परिवहन विभाग ने संकेत दिया है कि अभियान केवल एक दिन की कार्रवाई तक सीमित नहीं रहेगा। 14 से 19 सितंबर तक चलने वाले मिशन सेफ फ्यूचर 3.0 के दौरान स्कूलों के आसपास वाहनों की जांच आगे भी जारी रहेगी।
पांच वाहनों पर कार्रवाई
बुधवार को की गई कार्रवाई में पांच निजी वाहनों को विभिन्न थानों में निरुद्ध किया गया। विभागीय अधिकारियों के अनुसार अभियान के दौरान नियम विरुद्ध संचालित वाहनों की जांच कर उनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है।
इस अभियान का मकसद स्कूली वाहनों के संचालन में सुरक्षा मानकों और परिवहन नियमों का पालन सुनिश्चित करना है, ताकि बच्चों को स्कूल आने-जाने के दौरान किसी तरह की परेशानी या जोखिम का सामना न करना पड़े।
अधिकारियों और कर्मचारियों ने संभाली जांच की जिम्मेदारी
अभियान में सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रवर्तन) हरिओम, यात्री/माल कर अधिकारी आरपी गौतम और यातायात उपनिरीक्षक विनय कुमार पांडेय समेत परिवहन एवं यातायात विभाग के अन्य कर्मचारी शामिल रहे।
अधिकारियों ने कहा कि स्कूली बच्चों की सुरक्षा को लेकर विभाग पूरी तरह गंभीर है। नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहनों के खिलाफ आगे भी जांच और कार्रवाई जारी रहेगी।