रामगंगा नदी में डूबे 14 वर्षीय बालक का शव बुधवार को एनडीआरएफ की टीम ने बरामद कर लिया। बालक मंगलवार को नदी में डूब गया था। सूचना मिलने के बाद जिला प्रशासन ने रात में ही आठवीं वाहिनी राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF), गाजियाबाद को तलाश के लिए सूचना दी थी। बुधवार सुबह हनुमत धाम में मानसून प्री-पोजिशनिंग के तहत तैनात एनडीआरएफ टीम ने मौके पर पहुंचकर सर्च एंड रिकवरी ऑपरेशन शुरू किया।
तिलहर तहसील के थाना गढ़िया रंगीन क्षेत्र के ग्राम रपड़िया नवादा निवासी 14 वर्षीय विकास पुत्र ओमपाल 15 सितंबर को रामगंगा नदी में डूब गया था। घटना के बाद स्थानीय स्तर पर तलाश शुरू की गई, लेकिन सफलता नहीं मिली। इसके बाद जिला प्रशासन ने एनडीआरएफ से मदद मांगी।
चार किलोमीटर दूर मिला बालक का शव
एनडीआरएफ की टीम बुधवार सुबह टीम कमांडर आईएनएसपी/जीडी शिवकली धुर्वे के नेतृत्व में घटनास्थल पर पहुंची। प्रशिक्षित बचावकर्मियों और गोताखोरों ने रामगंगा नदी में अलग-अलग संभावित स्थानों पर व्यवस्थित तरीके से तलाशी अभियान चलाया।
नदी की गहराई, तेज जल प्रवाह और चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों के बीच टीम के जवान लगातार तलाश में जुटे रहे। कई घंटे चले अभियान के दौरान घटनास्थल से करीब चार किलोमीटर दूर रामगंगा नदी से विकास का शव बरामद कर लिया गया।
शव मिलने के बाद आवश्यक स्थानीय औपचारिकताएं पूरी की गईं। इसके बाद उसे आगे की कार्रवाई के लिए सिविल पुलिस के सुपुर्द कर दिया गया।
27 एनडीआरएफ जवानों ने संभाला मोर्चा
इस अभियान में एनडीआरएफ की ओर से आईएनएसपी/जीडी शिवकली धुर्वे, सब इंस्पेक्टर वीरेंद्र सिंह और एएसआई धर्मेंद्र सिंह समेत 27 कार्मिकों ने सक्रिय भूमिका निभाई। टीम ने नदी की प्रतिकूल परिस्थितियों के बीच समन्वय के साथ खोज अभियान चलाया।
एनडीआरएफ की टीम मानसून प्री-पोजिशनिंग के तहत शाहजहांपुर के हनुमत धाम में तैनात है। जल दुर्घटना और आपदा की स्थिति में टीम को तत्काल मौके पर भेजकर खोज एवं बचाव अभियान चलाया जाता है। बालक का शव बरामद होने के बाद एनडीआरएफ ने अभियान पूरा कर लिया। पुलिस ने आवश्यक कार्रवाई शुरू कर दी है।