जागरण टुडे, शाहजहांपुर।
नगर निगम क्षेत्र में नई बनी सड़क को कुछ ही समय बाद खोदे जाने का मामला सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बनने के बाद जिला प्रशासन हरकत में आ गया है। जिलाधिकारी धर्मेंद्र प्रताप सिंह ने मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित विभागों के प्रति सख्त रुख अपनाया है। उन्होंने नगर आयुक्त को निर्देश दिए हैं कि सड़क खुदाई के लिए जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जाए तथा विभागीय कार्रवाई भी सुनिश्चित की जाए।
जिलाधिकारी ने स्पष्ट कहा कि जनता के धन से निर्मित सड़कों को बिना योजना और अनुमति के खोदना किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सड़क निर्माण के बाद विभिन्न विभागों द्वारा समन्वय के अभाव में बार-बार खुदाई किए जाने से सरकारी धन की बर्बादी होती है और आम लोगों को भी परेशानी का सामना करना पड़ता है।
डीएम ने बताया कि सड़क खुदाई संबंधी मामलों की निगरानी के लिए पहले से एक समिति गठित की जा चुकी है। समिति की संस्तुति और सिटी मजिस्ट्रेट की पूर्व अनुमति के बिना नगर निगम क्षेत्र में किसी भी सड़क की खुदाई नहीं की जा सकेगी। यदि किसी विभाग द्वारा नियमों की अनदेखी कर सड़क खोदी जाती है तो संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की जाएगी।
उन्होंने सभी विभागों को निर्देश दिए कि किसी भी विकास कार्य या पाइपलाइन, केबल अथवा अन्य परियोजना के लिए सड़क खोदने से पहले निर्धारित प्रक्रिया का पालन किया जाए। डीएम ने चेतावनी दी कि आदेशों की अवहेलना करने वालों के खिलाफ सीधे एफआईआर दर्ज कर गिरफ्तारी की कार्रवाई भी की जा सकती है।
सोशल मीडिया पर वायरल हुई सड़क खुदाई की घटना के बाद प्रशासन की इस सख्ती को जवाबदेही तय करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। जिला प्रशासन का कहना है कि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए नियमों का कड़ाई से पालन कराया जाएगा, जिससे सरकारी संसाधनों की सुरक्षा के साथ आम जनता को बेहतर सुविधाएं मिल सकें।