जागरण टुडे, गुड्डू यादव कासगंज।
भारतीय किसान यूनियन स्वराज गुट के राष्ट्रीय अध्यक्ष कुलदीप पांडेय और प्रदेश अध्यक्ष आशीष पांडेय को मारपीट, धमकी देकर रुपये ऐंठने के एक मामले में जिला सत्र न्यायालय से जमानत मिल गई है। सोमवार को जिला सत्र न्यायाधीश की अदालत में हुई सुनवाई के बाद दोनों आरोपियों की जमानत मंजूर कर ली गई। हालांकि उनके खिलाफ दर्ज अन्य दो मामलों में हाईकोर्ट में सुनवाई लंबित होने के कारण फिलहाल दोनों भाइयों को जेल में ही रहना होगा।
मामला गंजडुंडवारा थाना क्षेत्र से जुड़ा है। गिलोली निवासी कौशल किशोर ने कुलदीप पांडेय, आशीष पांडेय और उनके अन्य साथियों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी। आरोप लगाया गया था कि उन्हें भारतीय किसान यूनियन स्वराज गुट में पदाधिकारी बनाया गया और इसके बाद उनसे अवैध रूप से धन उगाही की जाती थी। शिकायतकर्ता के अनुसार, पैसे न देने पर उन्हें झूठे मुकदमे में फंसाकर जेल भेजने की धमकी दी जाती थी।
पीड़ित ने यह भी आरोप लगाया था कि 27 मई 2022 को आरोपियों ने सोरों थाने का घेराव कर पुलिस पर दबाव बनाया और उनके खिलाफ झूठा मुकदमा दर्ज करा दिया। इसी तहरीर के आधार पर गंजडुंडवारा पुलिस ने कौशल किशोर की शिकायत पर मुकदमा दर्ज कर लिया था।
सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष के अधिवक्ता केशव मिश्रा ने अदालत में जमानत प्रार्थना पत्र प्रस्तुत करते हुए कहा कि दोनों आरोपियों को रंजिश के चलते झूठे मामले में फंसाया गया है। उन्होंने अदालत को बताया कि मामले में मारपीट का कोई चिकित्सीय परीक्षण (मेडिकल रिपोर्ट) उपलब्ध नहीं है और न ही पुलिस ने घटना के समय आरोपियों की मौजूदगी से संबंधित कोई ठोस साक्ष्य, जैसे लोकेशन या कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर), प्रस्तुत किया है।
अधिवक्ता ने यह भी बताया कि दोनों आरोपियों का आपराधिक इतिहास अदालत के समक्ष प्रस्तुत किया गया था। रिकॉर्ड के अनुसार कुलदीप पांडेय पर 28 और आशीष पांडेय पर 35 मुकदमे दर्ज हैं। हालांकि इनमें से कई मामलों में वे दोषमुक्त हो चुके हैं, जबकि कुछ मामले स्वतः समाप्त हो गए हैं।
पक्ष और विपक्ष की दलीलें सुनने के बाद सत्र न्यायाधीश रामेश्वर की अदालत ने साक्ष्यों के अभाव को देखते हुए दोनों आरोपियों की जमानत मंजूर कर ली।
फिलहाल दोनों भाइयों के खिलाफ दर्ज दो अन्य मामलों में हाईकोर्ट में सुनवाई चल रही है। उन मामलों में जमानत मिलने के बाद ही उनकी जेल से रिहाई संभव हो सकेगी।