राजकीय संग्रहालय, मथुरा में रविवार को संग्रहालय के 152वें स्थापना दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रमों की श्रृंखला के तहत पांच दिवसीय चित्र प्रदर्शनी और तीन दिवसीय चित्रांकन शिविर का शुभारंभ किया गया। कार्यक्रम का उद्घाटन मुख्य अतिथि डॉ. कमल कौशिक (डी.लिट.), प्राचार्य श्री कृष्ण इंटर कॉलेज गोकुल, मथुरा तथा वरिष्ठ उपाध्यक्ष, राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ उत्तर प्रदेश एवं कार्यकारी परिषद सदस्य, के.एम. विश्वविद्यालय मथुरा द्वारा मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण और दीप प्रज्ज्वलन कर किया गया।
अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर संग्रहालय में “भारत की प्राचीन लोक परम्पराएं” विषय पर पांच दिवसीय चित्र प्रदर्शनी लगाई गई है। इस प्रदर्शनी में भारत में समय-समय पर मनाए जाने वाले तीज-त्योहारों से संबंधित पारंपरिक चित्रों को प्रदर्शित किया गया है, जो भारतीय संस्कृति और लोक परंपराओं की झलक प्रस्तुत करते हैं।
इसके साथ ही “रंगों में बसा भारत का समृद्ध स्थापत्य वैभव” विषय पर तीन दिवसीय चित्रांकन शिविर का भी शुभारंभ किया गया। यह शिविर श्रीमती खुशबू उपाध्याय सोनी (स्वतंत्र कलाकार) और श्री अनिल सोनी (सदस्य, राज्य ललित कला अकादमी उत्तर प्रदेश) के मार्गदर्शन में आयोजित किया जा रहा है।
संग्रहालय के उप निदेशक योगेश कुमार ने बताया कि इस शिविर में मथुरा के विभिन्न कलाकार और छात्र-छात्राएं भाग ले रहे हैं। इनमें उमा सिंह, पूजा वर्मा, हर्षिता शर्मा, काजल, कनक गुप्ता, प्रार्थना उपाध्याय, खुशबू, मुस्कान, नाजनी चकमा, सृष्टि, विद्या शर्मा और डौली शर्मा शामिल हैं। प्रतिभागी कलाकार भारत के 15 प्रसिद्ध स्थापत्य स्थलों को रंगों के माध्यम से कैनवास पर उकेरेंगे।
उन्होंने बताया कि पांच दिवसीय चित्र प्रदर्शनी कार्यालय समय में कार्य दिवसों पर दर्शकों के अवलोकन के लिए खुली रहेगी, जिससे कला प्रेमी भारतीय संस्कृति और स्थापत्य की विविधता को करीब से देख सकेंगे।
कार्यक्रम का संचालन मनीष कुमार और अनिल सोनी ने किया। इस अवसर पर प्रशांत श्रीवास्तव, अनितेश वार्ष्णेय, सुभाष, दिनेश और आशुतोष सहित अन्य सहयोगियों की भूमिका भी महत्वपूर्ण रही। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में कला प्रेमी और दर्शक उपस्थित रहे।