जागरण टुडे, गुड्डू यादव,कासगंज।
जनपद के अमांपुर कस्बे में शनिवार को एक ही परिवार के पांच सदस्यों के शव मिलने से क्षेत्र में सनसनी फैल गई। एटा रोड स्थित पेट्रोल पंप के सामने एक किराये के मकान में यह हृदयविदारक घटना सामने आई। सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे और जांच शुरू कर दी।डीआईजी ने मौके पर पहुंच कर हर फहलू पर जांच के निर्देश दिए हैं।
मृतकों की पहचान नगला भोजपुर निवासी 50 वर्षीय सत्यवीर सिंह, उनकी 48 वर्षीय पत्नी शीला, 12 वर्षीय बेटी आकांक्षा, 10 वर्षीय बेटी प्राची और 8 वर्षीय बेटे ग्रीश के रूप में हुई है। सत्यवीर सिंह अमांपुर में ‘फौजी वेल्डिंग मिस्त्री’ के नाम से जाने जाते थे और वेल्डिंग की दुकान चलाकर परिवार का भरण-पोषण करते थे। स्थानीय लोगों के अनुसार वह मिलनसार और सरल स्वभाव के व्यक्ति थे।
घटना का खुलासा तब हुआ जब शनिवार को एक व्यक्ति वेल्डिंग का काम कराने उनकी दुकान पर पहुंचा। दुकान बंद देख उसे संदेह हुआ। वह मकान की ओर गया और अंदर झांककर देखा तो दंपति के शव फांसी के फंदे से लटके मिले, जबकि तीनों बच्चों के शव बिस्तर पर पड़े थे। सूचना तत्काल अमांपुर पुलिस को दी गई।
बच्चों के मामा मदनपाल ने घटना के पीछे आर्थिक तंगी को कारण बताया है। उनका कहना है कि सत्यवीर पिछले करीब 20 वर्षों से किराये के मकान में रह रहे थे और वेल्डिंग की दुकान से पर्याप्त आमदनी नहीं हो पा रही थी। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि सत्यवीर के पिता ने जमीन और मकान में कोई हिस्सेदारी नहीं दी, जिससे पारिवारिक तनाव बना रहता था।
प्रारंभिक आशंका है कि पहले बच्चों को जहरीला पदार्थ दिया गया और उसके बाद दंपति ने फांसी लगाई। हालांकि पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सही कारण स्पष्ट हो पाएंगे। फोरेंसिक टीम ने साक्ष्य एकत्र कर लिए हैं और सभी पहलुओं पर जांच जारी है।
घटना के बाद पूरे इलाके में शोक और स्तब्धता का माहौल है। पड़ोसी और परिचित अब भी इस त्रासदी पर विश्वास नहीं कर पा रहे हैं। पुलिस अधिकारियों ने निष्पक्ष जांच का भरोसा दिलाया है। घटना की सूचना पर पहुंचे डीआजी प्रभाकर चौधरी ने हर पहलू पर जांच के आदेश दिए हैं।