बसपा सुप्रीमों बोलीं- सपा, कांग्रेस और भाजपा को बताया डा. आंबेडकर विरोधी
बसपा प्रमुख मायावती ने कहा कि बसपा वर्ष 2027 के विधान सभा चुनावों में अकेले ही मैदान में उतरेगी। जब भी बसपा ने गठबंधन किया तो उसका भारी नुकसान पार्टी को हुआ। उन्होंने सपा, कांग्रेस और भाजपा पर निशाना साधते हुए आंबेडकर की विचारधारा का विरोधी बताया। साथ ही दिल्ली में मिले बंगले के बारे में सफाई देते हुए कहा कि उनकी सुरक्षा के मद्देनजर कांग्रेस सरकार के समय से ही केंद्र सरकार से टाइप-8 स्तर का बंगला मिलता रहा है।
पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने बुधवार को पत्रकार वार्ता में कहा कि पिछले कुछ समय से बसपा द्वारा अन्य दलों से गठबंधन करने की अफवाहें फैलाई जा रही हैं जो पूरी तरह निराधार हैं। गठबंधन से उन्हें कभी भी फायदा नहीं हुआ। इसके विपरीत बड़ा सियासी नुकसान उठाना पड़ा। गठबंधन के दलों ने उनका वोट तो ले लिया, लेकिन अपना वोट बसपा को ट्रांसफर नहीं किया। उन्होंने अकेले चुनाव लड़ने की घोषणा बसपा के संस्थापक कांशीराम की पुण्यतिथि नौ अक्टूबर-25 को आयोजित विशाल रैली में भी किसी भी पार्टी से गठबंधन नहीं करने की घोषणा की थी।
मायावती ने दिल्ली में आवंटित बंगले के बारे में फैलाई जा रही कथित खबरों पर कड़ी नाराजगी जाहिर की। कहा कि सपा सरकार के समय वर्ष 1995 में लखनऊ के स्टेट गेस्ट हाउस में उन पर किए गए हमले के बाद से ही केंद्र सरकार द्वारा उच्च स्तर की सुरक्षा के साथ ही टाइप-8 बंगला मिलता रहा है। मायावती ने यह भी कहा कि जैसे-जैसे चुनाव नजदीक आएंगे, विपक्षी दल घिनौनी साजिशें करके दुष्प्रचार करते रहेंगे, जिससे बसपा को सत्ता से दूर रखा जा सके।