मूसाझाग बदायूँ जनपद के ऋषिदेव सिंह बालिका इंटर कॉलेज में बोर्ड परीक्षा के दौरान गंभीर अव्यवस्था का मामला सामने आया है। संस्थागत छात्राओं ने आरोप लगाया है कि द्वितीय पाली की परीक्षा में उनके विषय सामान्य हिंदी की जगह हिंदी का प्रश्नपत्र बांट दिया गया और विरोध करने पर कक्ष निरीक्षक व केंद्र व्यवस्थापक ने अभद्र व्यवहार किया। परिजनों ने मामले की शिकायत मुख्यमंत्री पोर्टल पर दर्ज कर कार्रवाई की मांग की है।
छात्राओं का आरोप
मनिकापुर कौर की छात्राएं—पायल कश्यप, रेनू, नीतू चौहान और राजो कश्यप—का कहना है कि वे सामान्य हिंदी विषय की परीक्षार्थी हैं। कक्ष संख्या 2 में पहुंचने पर उन्हें हिंदी का प्रश्नपत्र दे दिया गया। आपत्ति जताने पर कथित तौर पर कहा गया, “यही पेपर करो।”
छात्राओं के अनुसार, मजबूरी में उन्होंने वही प्रश्नपत्र हल किया, लेकिन परीक्षा समाप्ति पर उनके हाथ से पेपर छीन लिया गया और सामान्य हिंदी का प्रश्नपत्र, जिस पर किसी अन्य छात्र का नाम व रोल नंबर काटा हुआ था, थमा दिया गया। विरोध करने पर अभद्रता किए जाने का भी आरोप है।
परिजनों की शिकायत
घर पहुंचकर छात्राओं ने पूरी जानकारी परिजनों को दी, जिसके बाद मुख्यमंत्री पोर्टल पर शिकायत दर्ज कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई और परीक्षा की निष्पक्ष जांच की मांग की गई है।
केंद्र व्यवस्थापक का पक्ष
केंद्र व्यवस्थापक गणेश चंद्र ने अभद्रता के आरोपों से इनकार करते हुए कहा कि पेपर बदलने की कोई शिकायत उन्हें परीक्षा के दौरान नहीं मिली। उनके मुताबिक, हिंदी प्रश्नपत्र की जानकारी परीक्षा समाप्ति के बाद हुई और उच्चाधिकारियों को अवगत करा दिया गया है।
मामले ने परीक्षा प्रबंधन की पारदर्शिता और जिम्मेदारी पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।