प्रशासन की उदासीनता और कार्रवाई न होने से नाराज भारतीय किसान यूनियन (चढूनी) के कार्यकर्ताओं का धरना चौथे दिन भी जारी रहा। भाकियू (चढूनी) के बैनर तले मालवीय आवास गृह पर चल रहे इस अनिश्चितकालीन धरने में किसानों और संगठन के पदाधिकारियों ने प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए और पीड़ितों को न्याय दिलाने की मांग दोहराई।
उझानी कोतवाली क्षेत्र के ग्राम जनुइया निवासी भगवान दास और उनकी पत्नी प्रेमवती की भूमि पर कथित रूप से अवैध कब्जा कर लिया गया है। पीड़ित दंपती ने कई बार प्रशासन से शिकायत कर कब्जा हटवाने की गुहार लगाई, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई न होने के कारण वे भाकियू (चढूनी) के सहयोग से 8 जनवरी से धरने पर बैठे हुए हैं। धरने के चौथे दिन भी प्रशासन की ओर से कोई सकारात्मक पहल न होने से किसानों में रोष व्याप्त है।
भाकियू (चढूनी) के जिला अध्यक्ष सतीश साहू ने बताया कि पूरे मामले की जानकारी प्रदेश सचिव आसिम उमर के माध्यम से प्रदेश अध्यक्ष सरदार भूपेंद्र सिंह गिल तक पहुंचा दी गई है। उन्होंने बताया कि आगामी 18 और 19 जनवरी को हरियाणा के कुरुक्षेत्र में होने वाली राष्ट्रीय पंचायत में यह मामला राष्ट्रीय अध्यक्ष सरदार गुरनाम सिंह चढूनी के समक्ष रखा जाएगा। इसके बाद संगठन आगे की रणनीति तय करेगा और जरूरत पड़ी तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
धरने का नेतृत्व कर रहे कृष्ण अवतार शाक्य ने प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि पीड़ितों को न्याय दिलाने में प्रशासन पूरी तरह नाकाम साबित हो रहा है। उन्होंने कहा कि ऐसा प्रतीत होता है कि किसी राजनीतिक दबाव के चलते प्रशासन जानबूझकर कार्रवाई से बच रहा है। यदि जल्द ही अवैध कब्जा नहीं हटाया गया तो भाकियू (चढूनी) बड़ा आंदोलन करने को मजबूर होगी।
धरने के चौथे दिन जिला महासचिव बीईशु दास, आराम सिंह, रजनेश उपाध्याय, भूपेंद्र पाठक, यादवेंद्र सिंह यादव, अनीता, राजकुमारी, भगवान दास, कल्लू, सत्येंद्र यादव, रामसिंह, शैलेश, सुनीता सहित कई कार्यकर्ता और किसान मौजूद रहे। सभी ने एक स्वर में प्रशासन से तत्काल कार्रवाई कर पीड़ितों को न्याय दिलाने की मांग की।