अधिवक्ता महजबीं हत्याकांड में आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के आश्वासन पर माने परिवार वाले
अधिवक्ता महजबीं हत्याकांड में फरार आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर अधिवक्ताओं ने कलेक्ट्रेट के बाहर बुधवार को भी विरोध-प्रदर्शन किया। इस दौरान जाम भी लगाया। मृतका के चाचा अधिवक्ता अच्छन अंसारी की हालत बिगड़ने के बाद एसपी सिटी ने जल्द ही आरोपियों की गिरफ्तारी का आश्वासन देकर उन्हें निजी अस्पताल में भर्ती कराया और भूख हड़ताल समाप्त कराई।
आजाद समाज पार्टी के प्रदेश उपाध्यक्ष और अधिवक्ता अच्छन अंसारी के मुताबिक 27 नवंबर को उनकी भतीजी अधिवक्ता महजबीं की ससुराल वालों ने ऑटोमेटिक कार की मांग को लेकर गला दबाकर हत्या कर दी थी। परिवार ने आरोपी पति और सास-ससुर को खुद पकड़कर पुलिस को सौंपा था, लेकिन अब तक देवर और ननदों की गिरफ्तारी नहीं हुई है। हत्या को एक महीना बीत चुका है, लेकिन जांच अधूरी है। इस मामले में सोमवार से अधिवक्ता अच्छन अंसारी कलेक्ट्रेट पर भूख हड़ताल पर बैठ गए थे। बुधवार को तीसरे दिन भी लगातार अधिवक्ताओं ने पुलिस के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इसके अलावा कलेक्ट्रेट गेट पर मानव शृंखला बनाकर शक्ति प्रदर्शन किया और इसके बाद जंक्शन रोड को पूरी तरह जाम कर दिया, जिससे घंटों तक यातायात ठप रहा।
धरना स्थल पर मौजूद अधिवक्ताओं ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करते हुए चेतावनी दी कि यदि शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। दोपहर को आजाद समाज पार्टी के कार्यकर्ता धरनास्थल पर पहुंचे और समर्थन दिया। बार अध्यक्ष पद के प्रत्याशी अनिल द्विवेदी भी आंदोलन में शामिल हुए। देर शाम अच्छन अंसारी की हालत बिगड़ गई। जिसके बाद एसपी सिटी मानुष पारीक ने जल्द ही आरोपियों की गिरफ्तारी का आश्वासन दिया। उसके बाद भूख हड़ताल समाप्त कराकर अधिवक्ता को निजी अस्पताल में भर्ती कराया। जहां उपचार के बाद रात में उन्हें छुट्टी दे दी गई।