अधिवक्ता महजबीन की मौत के मामले में सोमवार सुबह परिवार के लोग पुलिस की सुस्त कार्रवाई के विरोध में कलेक्ट्रेट गेट के पास भूख हड़ताल पर बैठ गए। वरिष्ठ अधिवक्ता अच्छन अंसारी के साथ दर्जनों वकील और परिजनों ने मामले में नामजद सभी आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग की। अच्छन अंसारी ने पुलिस पर आरोप लगाते हुए कहा कि मामले में मृतका के पति तलहा, सास असमा सकलैनी को जेल भेज दिया, लेकिन अन्य नामजद आरोपी खुलेआम घूम रहे हैं। चेताया कि जल्द अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हुई तो आंदोलन को उग्र किया जाएगा। कई अधिवक्ताओं और संगठनों के सदस्यों ने धरना स्थल पहुंचकर अपना समर्थन दिया।
26 नवंबर की रात की गई थी महजबीन की हत्या
सहसवानी टोला निवासी अधिवक्ता महजबीन का निकाह इसी साल फरवरी में प्रेमनगर के शाहबाद निवासी तलहा से हुआ था। 26 नवंबर की रात ससुराल वालों ने दहेज की मांग को लेकर गला घोंटकर हत्या कर दी थी। महजबीन के पिता हाशिम अंसारी ने प्रेमनगर थाने में पति तलहा समेत आठ लोगों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कराया था। प्रेमनगर पुलिस ने 30 नवंबर को पति और सास को गिरफ्तार किया था। इसके करीब दो सप्ताह बाद आरोपी ससुर को जेल भेजा गया। महजबीन के चाचा अधिवक्ता अच्छन अंसारी का कहना है कि हत्या की साजिश में महजवीन के अन्य ससुराल वाले भी शामिल रहे, जो अभी तक नहीं पकड़े गए। पुलिस शुरूआत में उनकी गिरफ्तारी का आश्वासन देती रही, लेकिन बाद में आरोपियों को बचाने की कोशिश की जाने लगी।
अधिवक्ता अच्छन अंसारी ने शनिवार को एसएसपी को पत्र देकर थाना प्रेमनगर पुलिस की शिकायत की थी। इससे पहले भी कई बार शिकातय की जा चुकी थी। दो दिन पहले शनिवार को दिए शिकायती पत्र में अभियुक्तों की गिरफ्तारी न होने पर सोमवार से भूख हड़ताल करने को कहा गया था। रविवार को इस संबंध में अधिवक्ता अच्छन अंसारी की ओर से मीडिया के माध्यम से पुलिस प्रशासन को अवगत कराया गया। बावजूद इसके पुलिस ने कोई सक्रियता नहीं दिखाई।
पूर्व से तय कार्यक्रम के मुताबिक सोमवार सुबह करीब 10 बजे अधिवक्ता अच्छन अंसारी अपने परिजनों के साथ कलेक्ट्रेट पहुंचे। जहां वह कलेक्ट्रेट गेट के सामने दरी बिछाकर बैठ गए और भूख हड़ताल शुरू कर दी। उनके साथ परिवार के सदस्यों के अलावा कई अधिवक्ता भी धरने पर बैठे नजर आए। धरने पर बैठे लोग अपने हाथ में पट्टिकाएं पकड़े थे, जिन पर एडवोकेट महजबीन को न्याय दो-न्याय दो, हत्यारों को गिरफ्तार करो-गिरफ्तार करो लिखा था।
अधिवक्ता अच्छन अंसारी ने बताया कि फरार चल रहे हत्यारोपियों की गिरफ्तारी को लेकर वह और उनके परिवार वाले थाना प्रेमनगर के चक्कर लगाते रहे। इस संबंध में सीओ से भी कई बार मिले। शुरूआत में थाना प्रभारी और सीओ दोनों जल्द गिरफ्तारी का आश्वासन देते रहे, लेकिन बाद में इधर-उधर की बातें करके टालने लगे। मजबूर होकर उन्हें यह कदम उठाना पड़ा। उनका कहना है कि मुकदमे में नामजद सभी आरोपियों की जब तक गिरफ्तारी नहीं हो जाती तब तक भूख हड़ताल जारी रहेगी।
इन संगठनों ने दिया समर्थन
महिला जन कल्याण सोसाइटी की अध्यक्ष खान ने सोमवार को धरना स्थल पर पहुंचकर भूख हड़ताल का समर्थन किया और खुद धरने पर बैठी रहीं। उन्होंने हत्यारोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी की मांग की है। गिरफ्तारी न होने पर महिलाओं के साथ कलेक्ट्रेट गेट पर प्रदर्शन करने का ऐलान किया। आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) के जिलाध्यक्ष मनोज सागर भी सोमवार को कलेक्ट्रेट गेट पर पहुंचे और भूख हड़ताल पर बैठे अधिवक्ता अच्छा अंसारी को अपना समर्थन दिया। इनके अलावा भीम आर्मी आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) के मंडल अध्यक्ष ने भी अधिवक्ता अच्छन अंसारी और उनके परिवार को अपना लिखित समर्थन दिया।