बरेली। आज के डिजिटल दौर में एंड्रॉइड मोबाइल सिर्फ कॉल या मैसेज का जरिया नहीं, बल्कि हमारी निजी जिंदगी का डिजिटल बक्सा बन चुका है। इसमें बैंकिंग ऐप्स, निजी फोटो-वीडियो, ईमेल, सोशल मीडिया अकाउंट और जरूरी दस्तावेज सुरक्षित रहते हैं। ऐसे में अगर फोन चोरी हो जाए, खो जाए या हैक हो जाए, तो बड़ा नुकसान हो सकता है। अच्छी बात यह है कि एंड्रॉइड में कई ऐसे सुरक्षा फीचर्स मौजूद हैं, जिनकी मदद से आपकी निजी जानकारी को सुरक्षित रखा जा सकता है।
अगर आपका फोन खो गया या चोरी हो गया। इसमें आपकी बैंक ऐप्स, पासवर्ड, व्यक्तिगत मैसेज और फोटो हैं। अगर कोई इसे अनलॉक कर ले तो आपकी पूरी जिंदगी उजागर हो सकती है। या फिर, आप कोई ऐप डाउनलोड करते हैं और वो ऐप आपकी लोकेशन या कैमरा एक्सेस करके आपकी जासूसी करने लगे। ऐसे में सुरक्षा फीचर्स आपका कवच बनते हैं। एंड्रॉइड में ये फीचर्स फ्री में उपलब्ध हैं और इन्हें सेटिंग्स में जाकर एक्टिवेट किया जा सकता है। गूगल के मुताबिक, हर साल लाखों फोन हैक या चोरी होते हैं, लेकिन सही सेटिंग्स से 90% से ज्यादा मामलों में डेटा सुरक्षित रहता है।
स्क्रीन लॉक और बायोमेट्रिक सिक्योरिटी
एंड्रॉइड फोन का सबसे बेसिक सुरक्षा फीचर है स्क्रीन लॉक। बिना लॉक के फोन इस्तेमाल करना जैसे घर का दरवाजा खुला छोड़ना। सेटिंग्स में जाकर 'सिक्योरिटी' या 'लॉक स्क्रीन' ऑप्शन चुनें। यहां आप PIN, पैटर्न या पासवर्ड सेट कर सकते हैं। लेकिन और बेहतर है बायोमेट्रिक्स – जैसे फिंगरप्रिंट या फेस अनलॉक। फिंगरप्रिंट: ज्यादातर नए एंड्रॉइड फोन में साइड बटन या स्क्रीन के नीचे सेंसर होता है। इसे सेटअप करने के लिए सेटिंग्स > सिक्योरिटी > फिंगरप्रिंट पर जाएं और अपना उंगली का प्रिंट ऐड करें। ये इतना तेज है कि फोन सेकंड में अनलॉक हो जाता है, लेकिन कोई और ट्राई करे तो नहीं खुलेगा। फेस अनलॉक: कैमरा से आपका चेहरा स्कैन करता है। सेटिंग्स > सिक्योरिटी > फेस अनलॉक में जाकर सेट करें। ध्यान रखें, ये फोटो से फूलप्रूफ नहीं होता, इसलिए हमेशा बैकअप PIN रखें। ये फीचर्स आपकी निजी जानकारी को फिजिकल एक्सेस से बचाते हैं। अगर फोन खो जाए, तो कोई आसानी से नहीं खोल सकता। टिप: कम से कम 6 अंकों का PIN इस्तेमाल करें, और कभी-कभी बदलते रहें।
ऐप परमिशन्स
एंड्रॉइड में ऐप्स इंस्टॉल करते समय वो कैमरा, माइक्रोफोन, लोकेशन या कॉन्टैक्ट्स का एक्सेस मांगती हैं। क्या आप जानते हैं कि आप इन्हें कंट्रोल कर सकते हैं? सेटिंग्स > ऐप्स > ऐप परमिशन्स में जाकर देखें कि कौन सी ऐप क्या एक्सेस ले रही है। मसलन अगर कोई गेम ऐप कैमरा एक्सेस मांग रही है, तो इसे डिनाई करें। एंड्रॉइड 12 और उसके बाद के वर्जन में 'परमिशन मैनेजर' है, जहां आप लोकेशन को 'ओनली व्हाइल यूजिंग ऐप' सेट कर सकते हैं। इससे ऐप बैकग्राउंड में आपकी लोकेशन नहीं ट्रैक करेगी। इसी तरह, माइक्रोफोन और कैमरा के लिए इंडिकेटर है – अगर कोई ऐप इस्तेमाल कर रही है, तो स्क्रीन पर डॉट दिखेगा। ये फीचर आपकी प्राइवेसी को ऐप्स से बचाता है, क्योंकि कई ऐप्स डेटा चुराकर विज्ञापन कंपनियों को बेचती हैं। टिप: हर महीने ऐप परमिशन्स चेक करें और अनयूज्ड ऐप्स डिलीट करें।
गूगल प्ले प्रोटेक्ट
एंड्रॉइड फोन में गूगल प्ले स्टोर से ऐप्स डाउनलोड करने पर ऑटोमैटिक स्कैन होता है। ये 'प्ले प्रोटेक्ट' फीचर है। सेटिंग्स > सिक्योरिटी > गूगल प्ले प्रोटेक्ट में जाकर चेक करें कि ये ऑन है या नहीं। ये फीचर ऐप्स को स्कैन करता है और अगर कोई मैलवेयर मिले तो अलर्ट देता है। यहां तक कि साइडलोडेड ऐप्स (यानी APK फाइल्स) को भी चेक करता है।अगर आप थर्ड-पार्टी सोर्स से ऐप डाउनलोड करते हैं, तो प्ले प्रोटेक्ट आपको वार्निंग देगा। ये आपकी बैंकिंग डिटेल्स और पर्सनल डेटा को फिशिंग अटैक्स से बचाता है। प्ले प्रोटेक्ट हर दिन करोड़ों ऐप्स स्कैन करता है और 99% मैलवेयर को ब्लॉक करता है। टिप: हमेशा प्ले स्टोर से ही ऐप्स डाउनलोड करें, और अगर कोई संदिग्ध ऐप लगे तो रिपोर्ट करे
डिवाइस एन्क्रिप्शन और सिक्योर स्टोरेज
एंड्रॉइड फोन में आपका डेटा एन्क्रिप्टेड होता है, यानी कोडेड फॉर्म में स्टोर होता है। नए फोन में ये डिफॉल्ट ऑन होता है, लेकिन पुराने में सेटिंग्स > सिक्योरिटी > एडवांस्ड > एन्क्रिप्शन में चेक करें। इससे अगर कोई फोन हैक भी कर ले, तो डेटा पढ़ नहीं सकता बिना पासवर्ड के।इसके अलावा, 'सिक्योर फोल्डर' फीचर (सैमसंग जैसे ब्रांड्स में) या गूगल का 'प्राइवेट स्पेस' (Android 15 में) जहां आप सेंसिटिव फाइल्स को अलग लॉक कर सकते हैं। ये फोटो, डॉक्यूमेंट्स या ऐप्स को हाइड करता है। आपकी निजी जानकारी जैसे पासपोर्ट फोटो या बैंक स्टेटमेंट्स को यहां रखें। टिप: एन्क्रिप्शन ऑन रखें, लेकिन याद रखें कि अगर पासवर्ड भूल गए तो डेटा रिकवर नहीं होगा।
फाइंड माई डिवाइस
अगर फोन खो जाए या चोरी हो जाए, तो 'फाइंड माई डिवाइस' फीचर आपका दोस्त है। ये गूगल अकाउंट से लिंक्ड होता है।play.google.com/find पर जाकर या दूसरे फोन से ऐप डाउनलोड करके ट्रैक करें। आप फोन की लोकेशन देख सकते हैं, रिंग करवा सकते हैं, लॉक कर सकते हैं या डेटा Erase कर सकते हैं।सेटअप के लिए सेटिंग्स > सिक्योरिटी > फाइंड माई डिवाइस में ऑन करें। ये GPS और इंटरनेट से काम करता है। अगर फोन ऑफलाइन है, तो भी लास्ट लोकेशन दिखाता है। ये फीचर आपकी जानकारी को रिमोटली Erase करके सुरक्षित रखता है। टिप: हमेशा लोकेशन ऑन रखें, लेकिन बैटरी सेविंग के लिए 'हाई एक्यूरेसी' मोड यूज करें।
दो-फैक्टर ऑथेंटिकेशन (2FA) और पासवर्ड मैनेजर
एंड्रॉइड में गूगल का बिल्ट-इन पासवर्ड मैनेजर है। सेटिंग्स > गूगल > ऑटोफिल > गूगल पासवर्ड मैनेजर में जाकर देखें। ये आपके पासवर्ड्स को सुरक्षित स्टोर करता है और ऑटोफिल करता है। साथ ही, 2FA – यानी दो-चरण सत्यापन। गूगल अकाउंट में ऑन करें, जहां लॉगिन के समय SMS या ऐप से कोड मांगेगा।ये फीचर हैकर्स से बचाता है, क्योंकि सिर्फ पासवर्ड से अकाउंट नहीं खुलेगा। अगर आपका ईमेल या बैंक अकाउंट हैक हो भी जाए, तो 2FA रोक देगा। टिप: सभी महत्वपूर्ण अकाउंट्स में 2FA ऑन करें, और पासवर्ड मैनेजर में स्ट्रॉन्ग पासवर्ड्स जनरेट करें।
सॉफ्टवेयर अपडेट्स और सिक्योरिटी पैच
एंड्रॉइड फोन में रेगुलर अपडेट्स आते हैं जो बग्स फिक्स करते हैं और नए सिक्योरिटी फीचर्स ऐड करते हैं। सेटिंग्स > सिस्टम > सॉफ्टवेयर अपडेट में चेक करें। गूगल हर महीने सिक्योरिटी पैच रिलीज करता है। अगर अपडेट न करें, तो पुराने वल्नरेबिलिटी से हैक हो सकते हैं।उदाहरण के लिए, Android 15 में 'प्राइवेट स्पेस' और बेहतर ऐप आर्काइविंग है। ये अपडेट्स आपकी जानकारी को नए थ्रेट्स से बचाते हैं। टिप: ऑटोमैटिक अपडेट ऑन रखें, और Wi-Fi पर ही डाउनलोड करें।
अन्य उपयोगी फीचर्स
वीपीएन, एंटी-थेफ्ट और प्राइवेसी डैशबोर्डवीपीएन: पब्लिक Wi-Fi पर इस्तेमाल करें। गूगल वन ऐप में फ्री वीपीएन है, जो डेटा एन्क्रिप्ट करता है।
एंटी-थेफ्ट: कुछ ब्रांड्स जैसे Xiaomi में 'एंटी-थेफ्ट' मोड है, जो चोरी होने पर फोटो कैप्चर करता है।
प्राइवेसी डैशबोर्ड: Android 12+ में, सेटिंग्स > प्राइवेसी > प्राइवेसी डैशबोर्ड में देखें कि पिछले 24 घंटे में कौन सी ऐप ने क्या एक्सेस लिया।
जरूरी सलाह
हमेशा स्ट्रॉन्ग पासवर्ड यूज करें और किसी से भी शेयर न करें।
संदिग्ध लिंक्स या अटैचमेंट्स पर क्लिक न करें।
बैकअप रखें: गूगल ड्राइव पर ऑटो बैकअप ऑन करें।
बच्चों के लिए पैरेंटल कंट्रोल्स यूज करें।
अगर फोन पुराना है, तो अपग्रेड करें क्योंकि नए वर्जन में बेहतर सिक्योरिटी है।
एंड्रॉइड फोन में ये सुरक्षा फीचर्स आपकी निजी जानकारी को लेयर्स ऑफ प्रोटेक्शन देते हैं। इन्हें जानना और इस्तेमाल करना आसान है, बस थोड़ा समय निकालें। याद रखें, सुरक्षा आपकी जिम्मेदारी है। अगर आप इन फीचर्स को अपनाएंगे, तो हैकिंग या डेटा लॉस का डर कम हो जाएगा। आज ही अपने फोन की सेटिंग्स चेक करें और सुरक्षित रहें।
लेखक- धनंजय पांडेय, प्रभारी निरीक्षक थाना बारादरी, बरेली (यूपी)