रात में कड़ाके की ठंड होने से कांप रहा था शिशु, बारादरी पुलिस ने बचाई जान
इंसानियत को झकझोर देने वाली एक घटना थाना बारादरी क्षेत्र से सामने आई है। जहां एक मां ने नवजात शिशु को थैले में बंद कर पीपल के पेड़ के नीचे छोड़ दिया। ठंड भरी रात में मासूम की रोने की आवाज सुनकर थाना बारादरी पुलिस ने बच्ची को उठाकर अस्पताल पहुंचाया।
यह मामला 20 दिसंबर शाम करीब 8 बजे का है। बारादरी इंस्पेक्टर धनंजय पांडेय पुलिस टीम के साथ रोहिलखंड चौकी क्षेत्र में गश्त कर रहे थे। तभी बीसलपुर चौराहे के पास पहुंचने पर अचानक बच्चे के रोने की आवाज सुनाई दी। आवाज का पीछा करने पर पुलिस एक पीपल के पेड़ के नीचे पहुंची। जहां एक बंद थैले से बच्चे के रोने की आवाज आ रही थी। थैला खोलकर देखा तो पुलिस के होश उड़ गए। थैले के अंदर कपड़ों में लिपटा एक नवजात शिशु था, जो ठंड की वजह से कांप रहा था।
पुलिस ने बिना देर किए बच्चे को थैले से निकालकर तत्काल परमेश्वर हॉस्पिटल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उसका प्राथमिक उपचार शुरू किया। चिकित्सकों के अनुसार, सौभाग्य से बच्चे के शरीर पर किसी प्रकार की बाहरी चोट नहीं पाई गई, और उसकी हालत स्थिर बताई गई, हालांकि एहतियातन उसे डॉक्टरों की निगरानी में रखा गया।
पुलिस ने इसकी जानकारी चाइल्ड हेल्प लाइन 1098 पर दी। चाइल्ड लाइन की टीम से सुपरवाइजर दिव्या कठेरिया और केस वर्कर रवि गंगवार अस्पताल पहुंचे और बच्चे के स्वास्थ्य की जानकारी ली। डॉक्टरों ने बताया कि फिलहाल नवजात सुरक्षित है और रात भर अस्पताल में निगरानी जरूरी है।
रविवार 21 दिसंबर को थाना बारादरी पुलिस ने नवजात को चाइल्ड हेल्प लाइन के सुपुर्द कर दिया। इसके बाद उसे जिला महिला अस्पताल के एसएनसीयू (स्पेशल न्यूबॉर्न केयर यूनिट) में भर्ती कराया गया। जहां सुपरवाइजर मेघना शर्मा और कमला देवी की देखरेख में उसका इलाज जारी है।
चाइल्ड हेल्प लाइन कोऑर्डिनेटर सोनू श्रीवास्तव ने बताया कि बच्चे का पूर्ण स्वास्थ्य परीक्षण होने के बाद मामले को बाल कल्याण समिति के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा। जहां से आगे की कानूनी और संरक्षण संबंधी कार्रवाई तय होगी। वहीं पुलिस नवजात को छोड़ने वाली मां की तलाश में जुट गई है। यह घटना समाज के सामने कई गंभीर सवाल खड़े कर रही है।