दिन रविवार और गुनगुनाती धूप में नैनीताल मार्ग स्थित स्कूल मैदान में तमाम प्रकृति के कुशल चितेरे, पुष्प प्रेमी और दर्शक बड़ी तादात में मौजूद थे। पूरा मैदान 967 गमलों से भरा हुआ था। उसमें 30 प्रकार की गुलदाउदी की छटा लोगों को अपनी ओर आकर्षित कर रही थी। हर कोई प्रकृति की खुबसूरती देख प्रसन्नचित दिखा। उनके साथ फोटो कराने के लिए बेताब था। विभिन्न रंग और प्रकृति का सौंदर्य एक साथ मौजूद था। ऐसा लग रहा था मानो कोई जीवंत पुष्प लोक साकार हो उठा हो। हवा में घुली हल्की सी ठंडक और भीनी भीनी धूप माहौल को खुशनुमा बना रही थी। मौका था 26वीं श्री नमोनारायण स्मृति गुलदाउदी प्रदर्शनी आयोजन का।
रविवार सुबह प्रदर्शनी का दूसरे दिन समापन होना था। विजेता घोषित होने थे। इसलिए चहल पहल ज्यादा थी। दोपहर होने तक जैसे-जैसे सूरज आसमान पर चढ़ता गया वैसे वैसे प्रकृति प्रेमियों की भीड़ बढ़ती गई। उनमें उत्साह, जिज्ञासा और सौंदर्य का ज्वार चरम पर था। ऐसा लग रहा था जैसे हर गुलदाउदी अपने रंग, आकार और पंखुड़ियों की बनावट के साथ दर्शकों से संवाद कर रही हों कि मुझे देखो, मेरी कहानी सुनो।
देव मूर्ति की गुलदाउदी किंग ऑफ द शो, श्रद्धा खंडेलवाल ने पहना क्वीन का ताज
प्रदर्शनी का सबसे प्रतीक्षित क्षण तब आया, जब किंग ऑफ द शो और क्वीन ऑफ द शो की घोषणा हुई। निर्णायकों ने जब देव मूर्ति की गुलदाउदी को किंग ऑफ द शो घोषित किया तो तालियों की गूंज पूरे प्रांगण में फैल गई। उसकी पंखुड़ियों का घनत्व, रंग की एकरूपता और फूल का संतुलित आकार, सब कुछ उसे शाही बना रहा था। वहीं, श्रद्धा खंडेलवाल ने गुलदाउदी क्वीन ऑफ द शो का ताज पहना। उसकी कोमलता, रंगों की नज़ाकत और आकर्षक प्रस्तुति ने दर्शकों और निर्णायकों दोनों का दिल जीत लिया। ऐसा प्रतीत हो रहा था मानो प्रकृति ने स्वयं उसे रानी के रूप में सजाया हो।
कैंटोनमेंट बोर्ड को आठ कैटेगरीज में प्रथम पुरस्कार
संस्थागत श्रेणी में कैंटोनमेंट बोर्ड ने आठ कैटेगरीज में प्रथम पुरस्कार जीतकर अपनी बागवानी दक्षता का परचम लहराया। आईवीआरआई को एक कैटेगरी में प्रथम स्थान मिला। गंगाशील ने पांच कैटेगरीज, बिशप स्कूल ने दो कैटेगरीज और आईवीआरआई व केसीएमटी ने एक-एक कैटेगरीज में द्वितीय पुरस्कार प्राप्त किया। व्यक्तिगत प्रविष्टियों में भी प्रतिस्पर्धा रही। शशि बाला राठी, आशा मूर्ति, फादर रॉयल एंथनी, हरीश भल्ला और विभा वैद्य को प्रथम पुरस्कार मिले, जबकि पुनीत शर्मा, रजत खंडेलवाल, पूनम ढींगरा, नरेंद्र गुप्ता, निरुपम शर्मा और आलोक बंसल को द्वितीय पुरस्कार मिला।
इन विद्यार्थियों और संस्थाओं की रही भागीदारी
प्रदर्शनी में विद्यार्थियों की सक्रिय भूमिका भी सराहनीय रही। कक्षा 11 के पार्थ भाटिया को बेहतरीन डिजिटल इनवाइट तैयार करने के लिए सम्मानित किया गया। वहीं कक्षा 9 के कुशाग्र सारस्वत, कक्षा 5 की दिव्या और कक्षा 6 के अथर्व सक्सेना को अपनी प्रविष्टियां लाने के लिए विशेष सम्मान मिला। पहली बार भाग लेने वाले केशलता इंटरनेशनल स्कूल, द गुरु स्कूल, अल्मा मातेर डे बोर्डिंग स्कूल और डॉ. अजय को सम्मानित किया गया।
कैंट बोर्ड विजेता, गंगाशील उपविजेता
सर्वाधिक पुरस्कार प्राप्त करने पर कैंटोनमेंट बोर्ड को विजेता और गंगाशील को उपविजेता ट्रॉफी प्रदान की गई। ट्रॉफी हाथ में आते ही टीम के सदस्यों की आंखों में चमक और चेहरे पर मुस्कान बता रही थी कि महीनों की मेहनत रंग लाई है।
समाज को प्रकृति से जोड़ने का सशक्त माध्यम पुष्प प्रदर्शनी
पुरस्कार वितरण समारोह मुख्य अतिथि उत्तराखंड सरकार संसदीय कार्य एवं वन मंत्री सुबोध उनियाल रहे। उन्होंने माता सरस्वती एवं स्वर्गीय श्री नमो नारायण अग्रवाल की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि ऐसी पुष्प प्रदर्शनी न केवल सौंदर्य का उत्सव हैं, बल्कि समाज को प्रकृति से जोड़ने का सशक्त माध्यम भी हैं।
समारोह में ये हस्तियां रहीं मौजूद
बीएल एग्रो प्रबंध निदेशक आशीष खंडेलवाल, पीलीभीत नगर पालिका अध्यक्ष आस्था अग्रवाल, वरिष्ठ समाजसेवी अश्वनी ओबराय, सुबोध अग्रवाल, विभोर गोयल, मोनू झाबर, अरविंदर सिंह बग्गा, युवराज सिंह बग्गा, रिंकू बग्गा, राजा चावला, डॉ. आईएस तोमर, डॉ. अतुल अग्रवाल, डॉ. लतिका अग्रवाल, डॉ. विजय यादव, डॉ. विनोद पागरानी, डॉ. गोपाल दत्त, डॉ. अमित खन्ना, आर्किटेक्ट सुमित अग्रवाल, आलोक माथुर, पंकज अग्रवाल, सुधांशु अग्रवाल, उद्यमी आशीष गुप्ता, आयकर अधिकारी रविंद्र कुमार सिंह, नरेंद्र गुप्ता, रवि शर्मा, पूनम डीगरा, रजत खंडेलवाल, निरूपम शर्मा, बीएल एग्रो निदेशक एएन सिंह समेत तमाम प्रमुख मौजूद रहे।
जीआरएम प्रबंधन ने किया स्वागत
श्री गुलाबराय ट्रस्ट चेयरपर्सन उषारानी अग्रवाल, ट्रस्ट प्रेसिडेंट रवि अग्रवाल, विद्यालय प्रबंधक राजेश जौली, निदेशक त्रिजित अग्रवाल, एवं प्राचार्य रणवीर सिंह रावत ने अतिथियों का स्वागत किया। विद्यालय प्रबंधक राजेश जौली ने आभार जताया और मुख्य अतिथि उत्तराखंड सरकार संसदीय कार्य एवं वन मंत्री उनियाल को स्मृति चिन्ह भेंट किया।
राष्ट्रगान के साथ पुष्प प्रदर्शनी संपन्न
समारोह समापन राष्ट्रगान और भारत माता की जय के उद्घोष के साथ हुआ। प्रदर्शनी के कोऑर्डिनेटर रसिक टंडन और मुग्धा बिष्ट, संचालन कर रहे रजनीश त्रिवेदी एवं राहुल मैसी, तथा विद्यालय के समस्त शैक्षणिक-गैर शैक्षणिक स्टाफ की मेहनत हर कोने में झलक रही थी।