जनपद न्यायालय मथुरा में राष्ट्रीय लोक अदालत का भव्य एवं सफल आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में लंबित वादों का त्वरित, आपसी सहमति के आधार पर निस्तारण किया गया। इस राष्ट्रीय लोक अदालत की अध्यक्षता जनपद न्यायाधीश एवं अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण मथुरा श्री विकास कुमार ने की। कार्यक्रम में न्यायिक अधिकारियों, अधिवक्ताओं, बैंक एवं वित्तीय संस्थानों के प्रतिनिधियों तथा वादकारियों की सक्रिय सहभागिता रही।
राष्ट्रीय लोक अदालत का शुभारंभ जनपद न्यायाधीश श्री विकास कुमार द्वारा माँ सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलन कर किया गया। इस अवसर पर प्रधान न्यायाधीश परिवार न्यायालय श्री आशीष जैन, पीठासीन अधिकारी मोटर दुर्घटना प्रतिकर न्यायाधिकरण श्री राजेश चौधरी, अपर जिला जज रामकिशोर पाण्डेय एवं अजय पाल सिंह, अपर जिला जज/सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण श्री सुरेन्द्र प्रसाद, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट श्री उत्सव गौरव राज, बार एसोसिएशन के अध्यक्ष श्री प्रदीप कुमार शर्मा, सचिव श्री शिवकुमार लवानियां सहित समस्त न्यायिक अधिकारी, कर्मचारी, अधिवक्ता एवं विभिन्न संस्थानों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
इस राष्ट्रीय लोक अदालत में जिला मुख्यालय, कलेक्ट्रेट एवं तहसील स्तर पर कुल 3,61,171 वाद निस्तारण हेतु नियत किए गए, जिनमें से 2,82,280 वादों का सफलतापूर्वक निस्तारण किया गया। जनपद न्यायाधीश श्री विकास कुमार द्वारा स्वयं 44 सिविल वादों का निस्तारण किया गया। परिवार न्यायालय में प्रधान न्यायाधीश श्री आशीष जैन द्वारा 39 तथा अतिरिक्त प्रधान न्यायाधीश श्री विनय कुमार द्वारा 32 पारिवारिक वाद निस्तारित किए गए।
मोटर दुर्घटना प्रतिकर न्यायाधिकरण के अंतर्गत 131 वादों का निस्तारण करते हुए पीड़ित पक्षकारों को कुल 13 करोड़ 29 लाख 19 हजार रुपये की प्रतिकर राशि दिलाने के आदेश पारित किए गए। फौजदारी न्यायालयों द्वारा 37,301 वादों का निस्तारण कर 7,62,380 रुपये का अर्थदंड वसूला गया। चेक बाउंस से जुड़े 60 वादों में 1 करोड़ 65 लाख 61 हजार 554 रुपये के भुगतान के आदेश दिए गए।
इसके अतिरिक्त बैंक, मोबाइल एवं फाइनेंस कंपनियों के प्री-लिटिगेशन वादों सहित विभिन्न श्रेणियों के हजारों मामलों का समाधान किया गया। राष्ट्रीय लोक अदालत के समापन पर अपर जिला जज एवं सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण श्री सुरेन्द्र प्रसाद ने सभी का आभार व्यक्त किया।