जागरण टुडे, कासगंज।
शुक्रवार को जिलाधिकारी कार्यालय स्थित सभागार में जिला स्वास्थ्य समिति की महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन किया गया। बैठक की अध्यक्षता मुख्य विकास अधिकारी कासगंज द्वारा की गई। इस बैठक में जनपद की प्रमुख स्वास्थ्य योजनाओं एवं कार्यक्रमों की समीक्षा की गई, जिनमें जननी सुरक्षा योजना, आयुष्मान भारत गोल्डन कार्ड, आभा आईडी निर्माण, एनसीडी कार्यक्रम के अंतर्गत डायबिटीज, हाइपरटेंशन तथा ओरल कैंसर की स्क्रीनिंग की प्रगति प्रमुख रूप से शामिल रही।
बैठक के दौरान आशाओं द्वारा भरे गए सी-बैक फॉर्म की स्थिति एवं गुणवत्ता पर विशेष चर्चा की गई। मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. राजीव अग्रवाल ने समस्त अधीक्षकों और प्रभारी चिकित्सा अधिकारियों को निर्देशित किया कि जिले में संचालित अपंजीकृत चिकित्सालयों एवं अपंजीकृत प्रसव केंद्रों के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि इस संबंध में जिलाधिकारी से प्रणय सिंह समन्वय स्थापित कर की गई कार्रवाई का विस्तृत विवरण आगामी जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक में प्रस्तुत किया जाए।
मुख्य विकास अधिकारी द्वारा राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (RBSK) की समीक्षा के दौरान यह पाया गया कि आरबीएसके टीम के चिकित्सकों द्वारा बच्चों को एनआरसी (Nutrition Rehabilitation Centre) में अपेक्षित संख्या में भर्ती नहीं किया जा रहा है। इस पर असंतोष व्यक्त करते हुए मुख्य विकास अधिकारी ने संबंधित चिकित्सकों को चेतावनी पत्र जारी करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कुपोषित बच्चों की पहचान कर उन्हें एनआरसी में समय से भर्ती कराना विभाग की प्राथमिक जिम्मेदारी है।
बैठक में नोडल अधिकारी डॉ. उत्कर्ष यादव, जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. कुलदीप सिंह, अपर मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. बिरारानी, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी सूर्यप्रताप सिंह, जिला पंचायत राज अधिकारी, डीपीओ महिला एवं बाल विकास, जिला कार्यक्रम प्रबंधक पवन कुमार, जिला कम्युनिटी प्रोसेस प्रबंधक कुंवरपाल सिंह, जिला डाटा प्रबंधक आशुतोष श्रीवास्तव सहित सभी ब्लॉक कार्यक्रम प्रबंधक, कम्युनिटी प्रोसेस प्रबंधक, हेल्थ कंसल्टेंट एवं विभिन्न सहयोगी संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने प्रतिभाग किया। बैठक का संचालन तथा समीक्षा मुख्य विकास अधिकारी कासगंज द्वारा प्रभावी रूप से संपन्न की गई।
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