जागरण टुडे, कासगंज।
जनपद कासगंज के युवा और उभरते अधिवक्ता शान्तनु देवांश, सुपुत्र अजय कुमार ने अपने निरंतर परिश्रम से जिले का मान बढ़ाया है। उत्तरी रेलवे (दिल्ली क्षेत्र) ने उन्हें अपने पैनल अधिवक्ता (Panel Advocate) के रूप में चयनित किया है। यह नियुक्ति न केवल प्रतिष्ठित मानी जाती है बल्कि अत्यधिक जिम्मेदारीपूर्ण भी है, क्योंकि रेलवे भारत के सबसे बड़े सार्वजनिक उपक्रमों में से एक है और इसके मामलों में तकनीकी, प्रशासनिक और वाणिज्यिक सभी प्रकार की कानूनी जटिलताएँ शामिल रहती हैं।
अधिवक्ता शान्तनु देवांश इससे पहले भी कई महत्वपूर्ण सरकारी मामलों में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। वे मध्य प्रदेश सरकार के विभिन्न मुकदमों में राष्ट्रीय उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग (NCDRC) तथा सुप्रीम कोर्ट में पैरवी कर रहे हैं। उच्च-स्तरीय प्रकरणों में उनकी तर्कशक्ति, ठोस तैयारी और स्पष्ट अभिव्यक्ति क्षमता को अदालतों में अनेक बार सराहना मिली है। युवा अधिवक्ताओं की पीढ़ी में वे एक ऐसे नाम के रूप में उभर रहे हैं, जो समर्पण और पेशेवर ईमानदारी की मिसाल बनता जा रहा है।
उत्तरी रेलवे जैसे विशाल संगठन का प्रतिनिधित्व करना किसी भी वकील के लिए गौरव की बात है। रेलवे अधिकारियों के अनुसार, शान्तनु देवांश के पिछले कार्यों, पेशेवर दक्षता, समयबद्धता और निरंतर उत्कृष्ट प्रदर्शन को देखते हुए ही उन्हें पैनल में शामिल करने का निर्णय लिया गया। रेलवे से संबंधित मामलों में अनुबंधों, यात्री सेवाओं, माल परिवहन, संरचनात्मक उत्तरदायित्व और वित्तीय विवादों जैसी जटिलताओं को समझना आवश्यक होता है। ऐसे में यह नियुक्ति उनकी कानूनी क्षमता और विश्वसनीयता का प्रमाण है।
कासगंज के सामाजिक एवं कानूनी सेवाओं से जुड़े लोगों में उनके चयन को लेकर उत्साह का माहौल है। स्थानीय नागरिकों और अधिवक्ता समुदाय ने शान्तनु देवांश को बधाई देते हुए उम्मीद जताई कि वे भविष्य में भी इसी समर्पण और ईमानदारी के साथ जिले का नाम राष्ट्रीय स्तर पर चमकाते रहेंगे।