नगर निगम परिसर शुक्रवार को अखाड़ा बन गया। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) के नेताओं और नगर निगम अधिकारियों तथा कर्मचारियों के बीच हुई तीखी नोक-झोंक से हंगामा खड़ा हो गया। एबीवीपी विभिन्न समस्याओं को लेकर नगर निगम कार्यालय पहुंचे थे। अधिकारियों से वार्ता के दौरान टकराव हो गया, जो देखते-देखते हाथापाई में बदल गई। अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर एबीवीपी नेताओं ने नगर निगम दफ्तर के बाहर धरना शुरू कर दिया। जवाबी मोर्चा खोलते हुए नगर निगम कर्मचारियों ने अनिश्चितकालीन हड़ताल का ऐलान करते हुए सफाई व्यवस्था ठप कर दी।
एबीवीपी के विभाग संगठन मंत्री अवनि यादव के नेतृत्व में शुक्रवार दोपहर में एबीवीपी कार्यकर्ता नारेबाजी करते नगर आयुक्त कार्यालय पहुंचे, लेकिन उस वक्त नगर आयुक्त अपने कार्यालय में मौजूद नहीं थे। वहां कार्यालय के बाहर ड्यूटी पर मौजूद कर्मचारी ने एबीवीपी कार्यकर्ताओं को समझाने का प्रयास किया। वह पर वे नगर आयुक्त मुर्दाबाद, निगम अधिकारी भ्रष्ट हैं कहते हुए नारे लगाने लगे। मामले की जानकारी जब अपर नगर आयुक्त शशि भूषण राय को हुई तो वह भी एक्सईएन राजीव कुमार राठी के साथ वहां पहुंचे। बातचीत के दौरान उनकी एबीवीपी कार्यकर्ताओं से तीखी नोकझोंक हो गई।
थोड़ी ही देर में नगर आयुक्त संजीव कुमार मौर्य नगर निगम पहुंच गए। उन्हें देखकर एबीवीपी नेताओं ने रोकने की कोशिश की, लेकिन वह कार्यालय के अंदर चले गए। उन्होंने पांच मिनट के बाद कार्यकर्ताओं को अपने कार्यालय के अंदर बुलाया। उने सामने पहुंचते ही एबीवीपी कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि गुरुवार को संगठन के कार्यक्रम के लिए जीआईसी ऑडिटोरियम की बुकिंग कराई थी, लेकिन समय से पहले ही बिजली सप्लाई बंद कर दी गई। यहां बातचीत के दौरान माहौल गरम हो गया और दोनों पक्ष एक-दूसरे पर आरोप प्रत्यारोप लगाने लगे।
इसी बीच निगम अधिकारी भी बिफर गए और हाथापाई की नौबत आ गई। नगर निगम कर्मचारी यूनियन के अध्यक्ष ठाकुर मिशनपाल सिंह भी कर्मचारियों के साथ मौके पर पहुंचे और स्थिति संभालने की कोशिश की। मगर उनके बीच भी तनातनी हो गई। देखते ही देखते निगम परिसर में हंगामा शुरू हो गया। एबीवीपी कार्यकर्ताओं कार्यालय के बाहर धरने पर बैठ गए और नारेबाजी करने। करीब डेढ़ घंटे तक माहौल तनावपूर्ण बना रहा। इस बीच हंगामे का पता लगने पर सीओ सिटी प्रथम आशुतोष शिवम और कोतवाल अमित पांडेय पुलिस बल के साथ नगर निगम जा पहुंचे और कार्यकर्ताओं को समझाने का प्रयास किया, लेकिन कार्यकर्ता प्रदर्शन करते रहे। एबीवीपी कार्यकर्ताओं ने बाद में डीएम को ज्ञापन देकर निगम कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
हंगामा करने वालों के खिलाफ होगी कार्रवाई
कुछ लोग कार्यालय में आए थे, उन्होंने हंगामा करने के साथ ही अभद्रता की। जिन लोगों ने हंगामा किया, वह लोग कार्यक्रम कराने के लिए ऑडिटोरियम निशुल्क चाह रहे थे, लेकिन नियमानुसार उसका शुल्क लिया गया। हंगामा और अभद्रता करने वालों के खिलाफ विधिक कार्रवाई की जा रही है। - संजीव कुमार मौर्य, नगर आयुक्त।