बरेली समेत लगभग पूरे प्रदेश में बस-वाहनों का अवैध संचालन वर्षों से जारी है। बरेली में 300 से अधिक डबल डेकर डग्गामार बसें रोजाना दिल्ली, जयपुर आदि शहरों को आती जाती हैं। अवैध बस-वाहनों के संचालन का खेल अफसर और ट्रांसपोर्ट माफिया मिलकर खेल रहे हैं। सहयोग संबंधित सफेदपोश का रहता है। खास बात यह है कि अवैध रूप से चलने वाली इन डग्गामार बसों से कई बार हादसे हो चुके हैं। कई लोगों की जान भी जा चुकी है, लेकिन इनका संचालन बंद नहीं हो सका।
दो दिन पहले 28 अक्टूबर को जयपुर में डबल डेकर बस में आग लगने से तीन मजदूरों की मौत और एक दर्जन के घायल होने से जयपुर से लेकर लखनऊ तक खलबली मची और दोनों प्रदेशों में औपचारिक चेकिंग अभियान शुरू हो गया। जानकार सूत्रों का कहना है कि यह हलचल कुछ दिनों की है, फिर सब कुछ पहले की तरह हो जाएगा।
अफसर और ट्रांसपोर्ट माफिया मिलकर कर रहे खेल, नेताजी है मेल
बरेली से दिल्ली और जयपुर तक फर्राटा भरने वाली अवैध बसें यात्रियों की जान को खतरे में डाल रही हैं। बिना परमिट, ओवरलोडिंग और तेज रफ्तार के साथ ये बसें सड़कों पर कहर बरपा रही हैं। कांट्रेक्ट परमिट पर चलने वाले अवैध बसों में बाकायदा, आरक्षण और टिकट जारी होता है। परिवहन विभाग को लाखों का नुकसान, फिर भी प्रशासन खामोश। ये डग्गामार बसें बरेली में सैटेलाइट बस अड्डा के पास पीलीभीत बाईपास रोड, चौकी चौराहा, मानसिक चिकित्सालय के सामने, नकटिया, नरियावल आदि प्रमुख स्थानों से खुलेआम अवैध संचालन होता है। शाम होते ही पार्किंग शुरू हो जाती है। इसके अलावा हर नगर पालिका और नगर पंचायत क्षेत्रों से डग्गमारी होती है।
स्थानीय पुलिस का सहयोग भरपूर
आश्चर्यजनक बाद यह है कि जहां-जहां से अवैध बसों का संचालन होता है, वहां से कुछ ही कदमों पर पुलिस स्टेशन मौजूद रहता है, और कई जगह पुलिस वाले इर्द-गिर्द घूमते नजर आते हैं। मानसिक चिकित्सालय के पास जयपुर आदि स्थानों को जाने वाली बसों की बुकिंग भी होती है। यात्रियों को दिन में ही टिकट जारी कर दिए जाते हैं। ऑनलाइन आरक्षण सुविधा भी माफिया चला रहे हैं।
जीएसटी चोरी का खेल भी जारी
परिवहन विभाग राजस्व पर डाका डालने वाले माफिया और अफसर जीएसटी चोरी भी खुलेआम करा रहे हैं। लगभग सभी बसों में संशोधन करके कैविटी बनाई गई है, जो बाहर से नहीं दिखती। इसमें लाखों रुपये का सामान इधर से उधर आता जाता है। इससे जीएसटी की भारी चोरी भी हो रही है। जानकार सूत्र बताते हैं कि अवैध सामान भी इस कैबिटी से इधर-उधर लाया ले जाया जाता है।
बरेली और पीलीभीत के रहने वाले थे बस में सवार मजदूर
जयपुर में दो दिन पहले 28 अक्टूबर 2025 को जिस बस में आग लगी थी उसमें बरेली और पीलीभीत के मजदूर और उनके परिवार वाले सवार थे। इस हादसे में तीन मजदूरों की मौत हुई थी, जो बरेली के रहने वाले बताए जा रहे हैं। बस का मालिक और चालक भी बरेली का बताया जाता है। फिलहाल जयपुर पुलिस ने हादसने की छानबीन शुरू कर दी है।
डग्गामार बसों से पहले भी हो चुके हैं हादसे
20 मई 2025 को बदायूं में बरेली-मथुरा हाईवे पर डबल डेकर बस के पलटने से बड़ा हादसा हो गया। बरेली से जयपुर जा रही इस बस में सवार लगभग 75 यात्रियों में से 40 गंभीर रूप से घायल हो गए, जिनमें दस बच्चे भी शामिल हैं। घायलों को उझानी सीएचसी में भर्ती कराया गया। इस हादसे में बस चालक की मौत हो गई थी। यह बस बरेली के भोजीपुरा से सवारी भरकर जयपुर जा रही थी। रात करीब सवा एक बजे जब बस बरेली मथुरा हाईवे स्थित गांव दहेमू के पास पहुंची थी, तभी अचानक अनियंत्रित होकर पलट गई। इसके अलावा भी अवैध रूप से चलने वाली डबल डेकर डग्गामार बसों से कई हादसे हो चुके हैं।