दीपावली का पर्व जहां रोशनी और खुशियों का प्रतीक है, वहीं यह अवसर प्रेम, आशा और आत्म-सुधार का संदेश भी देता है। इसी भावना के तहत उत्तर प्रदेश महिला आयोग की सदस्य रेनू गौड़ ने सोमवार को जिला कारागार कासगंज पहुंचकर महिला बंदियों के साथ दीपोत्सव पर्व की खुशियां साझा कीं।
रेनू गौड़ ने जेल परिसर में महिला बंदियों और उनके साथ रह रहे बच्चों के बीच मिठाइयां, उपहार और आवश्यक सामान वितरित किए। इस अवसर पर उन्होंने सभी को दीपावली की शुभकामनाएं दीं और कहा कि “दीपोत्सव प्रेम, सद्भाव और आशा का प्रतीक है। कठिन परिस्थितियों में भी मन में सकारात्मकता बनी रहे तो जीवन में हमेशा रोशनी रहती है।”
उन्होंने महिला बंदियों से संवाद कर उनके स्वास्थ्य, शिक्षा, सुविधाओं और परिजनों से संपर्क से जुड़ी जानकारी ली। इस दौरान महिला बंदियों ने अपने हाथों से रंगोली सजाई और दीप जलाए, जिससे पूरा जेल परिसर दीपमय हो उठा और उत्सव का वातावरण बन गया।
रेनू गौड़ ने बंदी महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने और जीवन में सुधार लाने की प्रेरणा दी। उन्होंने कहा कि सरकार और समाज, दोनों का प्रयास है कि बंदी महिलाओं को पुनर्वास के अवसर मिलें ताकि वे समाज की मुख्यधारा से फिर जुड़ सकें।
महिला आयोग सदस्य ने जेल प्रशासन की व्यवस्थाओं की सराहना की और कहा कि कासगंज जिला कारागार में बंद महिलाओं के लिए स्वच्छता, सुरक्षा और शिक्षा की व्यवस्था संतोषजनक है। उन्होंने जेल अधीक्षक और महिला स्टाफ को निर्देश दिए कि बंदी महिलाओं की जरूरतों और उनके बच्चों की शिक्षा पर विशेष ध्यान दिया जाए।
कार्यक्रम में जेल अधीक्षक, महिला प्रहरी और अन्य अधिकारी उपस्थित रहे। दीप प्रज्वलन और शुभकामनाओं के आदान-प्रदान के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ। इस पहल ने महिला बंदियों के जीवन में खुशियों और उम्मीद की नई किरण जगा दी।